एनएसयूआई ने प्रतीकात्मक रूप से फांसी लगाकर विरोध जताया
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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षा कराए जाने के फैसले के संबंध में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) की ओर से विरोध प्रदर्शन जारी है।
विश्वविद्यालय के इलाहाबाद बैंक वाले गेट के पास संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से फांसी लगाकर अपना रोष जाहिर किया। संगठन के जिला अध्यक्ष बिलाल अहमद का कहना है कि महामारी में परीक्षा कराना छात्रों व उनके परिवार व समाज के साथ खिलवाड़ है।
छात्र परीक्षा में सम्मिलित होंगे तो संक्रमण तेजी से फैलने की आशंका है। संगठन की मांग है कि सरकार परीक्षा न कराए। छात्रों की यह मांग नहीं मानी गई तो संगठन आंदोलन करेगा। विरोध प्रदर्शन में जैद उर रहमान, ताहिर हुसैन, हिमांशु, नितिन प्रताप, विकास कुमार, आकाश, रवि, सनी निगम, राजा आदि उपस्थित रहे।
दो गुटों में बंटा एनएसयूआई, दोनों के कार्यक्रम भी अलग-अलग
एनएसयूआई में इन दिनों गुटबाजी तेज हो गई। संगठन दो गुटों में बंट गया है। दोनों संगठन अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। संगठन के जिलाध्यक्ष बिलाल अहमद का कहना है कि कुछ लोग संगठन के बारे में गलत जानकारी फैला रहे हैं, संगठन में संयोजक का कोई पद नहीं होता।
इस पद से गलत जानकारी दी जा रही है। बिलाल ने बताया कि भ्रम फैलाने वाले का साथ देने के आरोप में उन्होंने जिला उपाध्यक्ष विवेक गौतम, जिला महासचिव बलवीर सोन को जिला कमेटी से निष्कासित कर दिया है। उनका कहना है कि उनके अलावा कोई संगठन का पदाधिकारी नहीं है।
वहीं, अंकुश गौतम का कहना है कि उन्हें वर्ष 2017 में प्रदेश अध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी ने प्रदेश संयोजक बनाया। उसी समय बिलाल को जिला संयोजक बनाया था। जिला अध्यक्ष का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है, प्रदेश अध्यक्ष व प्रभारी ही किसी को निलंबित कर सकते हैं। जिलाध्यक्ष की उच्च नेतृत्व से शिकायत की जाएगी।