जिले के शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए खुशखबरी है। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त लखनऊ के आदेश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने उन्हें नवीन पर्सनल फंड (एनपीएफ) देने की तैयारी शुरू कर दी है। बेसिक शिक्षा विभाग के नियमानुसार एक अप्रैल 2015 से शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को एनपीएफ का लाभ मिलना चाहिए था लेकिन विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। 28 फरवरी को क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को एनपीएफ का लाभ चार सप्ताह में दिए जाने के निर्देश दिए हैं।
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने राज्य परियोजना निदेशक को पत्र भेजा है। राज्य परियोजना निदेशक ने इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पत्र का संज्ञान लेते हुए बीएसए ने जिले के सभी खंड शिक्षाधिकारियों से शिक्षामित्र और अनुदेशकों के पीएफ एकाउंट का ब्योरा मांगा है। इस व्यवस्था से जिले में 19 सौ के करीब शिक्षामित्र और 229 अनुदेश लाभान्वित होंगे।
यह है एनपीएफ
एनपीफ के तहत शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय से 10 प्रतिशत धनराशि की कटौती होगी। उतनी ही धनराशि सरकार भी उनके खाते में जमा करेगी। इसे फंड के रूप में जमा किया जाएगा।
- 1900 शिक्षामित्र जिले में हैं कार्यरत
- 229 अनुदेशकों की है जिले में तैनाती
- 10 खंड शिक्षा अधिकारियों को जमा करने होंगे पीएफ अकाउंट
परियोजना निदेशक के पत्र के अनुसार तैयारी की जा रही है। आगे जैसे विभागीय निर्देश होंगे उनका पालन किया जाएगा।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए