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शासन ने लौटाई जिले की सभी 552 ग्राम पंचायतों की कार्य योजना

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16एमएनपी-10-विकास भवन - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। भारत सरकार की वेबसाइट पर आगामी वित्तीय वर्ष के लिए फीड कराई गई सभी ग्राम पंचायतों की योजना वापस लौटा दी है। अब पंचायत राज विभागों को दोबारा नए तरीके से कार्ययोजना फीड कर उसकी ऑनलाइन फीडिंग करानी होगी। कार्य योजना लौटाने के बाद प्रधान और सचिव से लेकर अधिकारी तक परेशान हैं।
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शासन के आदेश पर वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए सभी ग्राम पंचायतों ने कार्य योजना तैयार की थी। इसके बाद ये कार्य योजना भारत सरकार की प्लानिंग वेबसाइट पर भी फीड कर दी गई थी। फरवरी के अंत तक तक जिले की सभी 552 ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना फीडिंग का काम पूरा कर लिया गया था। इसके बाद पंचायत राज विभाग ने राहत की सांस ली थी, लेकिन अब विभाग की मुसीबतें बढ़ गई हैं। दरअसल सरकार ने जिले की सभी 552 ग्राम पंचायतों की ऑनलाइन फीड की गई कार्ययोजना को लौटा दिया है। सूत्रों के अनुसार जो कार्य योजना फीड कराई गई थीं, उसमें गांवों के विकास के लिए बेहतर प्लानिंग नहीं की गई थी। ऐसे में शासन ने ये कदम उठाया है।
इसके साथ ही दोबारा बेहतर कार्य योजना तैयार कर फीड कराने के आदेश दिए हैं। इस आदेश से प्रधान और सचिव के साथ-साथ विभागीय अधिकारी भी परेशान हैं। अब एक अप्रैल से दोबारा कार्ययोजना फीडिंग का काम शुरू होगा। इसमें पंचायत के विकास का खाका और बेहतरी से तैयार करना होगा। इसके लिए सभी प्रधान और सचिवों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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ऐसे तैयार होती है कार्य योजना
ग्राम पंचायत की कार्य योजना तैयार कराने की जिम्मेदारी प्रधान और सचिव पर होती है, लेकिन इसके लिए ग्रामसभा की खुली बैठक बुलाई जाती है। बैठक में जो भी कार्य लोग सर्वसम्मति से कराने की मांग रखते हैं, उन्हें कार्य योजना में शामिल किया जाता है। बाद में इसी कार्ययोजना से बजट की उपलब्धता और प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराए जाते हैं।
अन्य विभागों के कार्य भी करने होंगे शामिल
एक नए आदेश के तहत ग्राम पंचायतों के में होने वाले सभी कार्यों को कार्ययोजना में शामिल करना होगा। फिर चाहे वह कार्य किसी भी विभाग द्वारा क्यों न कराएं जाएं। ऐसे में खुली बैठक में अन्य विभागों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहकर प्रस्तावित कार्यों को शामिल कराएंगे। अगर ऐसा नहीं किया गया तो अन्य विभाग चाहकर भी पंचायतों में कार्य नहीं करा सकेंगे।
हाईलाइटर्स
-09 हैं जिले में कुल विकास खंड
-80 हैं जिले में कुल न्याय पंचायतें
-552 हैं जिले में कुल ग्राम पंचायतें
समय रहते भारत सरकार की वेबसाइट पर सभी ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना फीड करा दी गई थी। शासन ने इसे वापस कर दिया है। अब दोबारा से संशोधन कर कार्ययोजना बनाकर, फीडिंग कराई जाएगी।
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स्वामीदीन, डीपीआरओ।
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