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अब थैला लेकर ही घर से निकलें

Mon, 18 Jan 2016 01:59 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आगरा
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अब आपको खरीदारी के लिए थैला लेकर जाना होगा। 21 जनवरी से पॉलीथिन पूरी तरह से प्रतिबंधित हो रही है। यदि आप पॉलीथिन लेकर भी जा रहे हैं तो जुर्माना भुगतने के साथ सलाखों की हवा भी खानी पड़ सकती है। क्योंकि पिछले साल के आखिर में प्रदेश सरकार ने जो अधिसूचना जारी की थी, उसकी समयावधि पूरी होने वाली है।
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बता दें कि प्लास्टिक की थैलियों (पॉलीथिन) को बनाने के साथ उसके भंडारण, वितरण, बिक्री और इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने के प्रदेश सरकार की कैबिनेट के फैसले के बाद 22 दिसंबर 2015 को पर्यावरण विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी थी।
अधिसूचना जारी होने की तारीख से 30 दिनों के बाद पूरे प्रदेश में पॉलीथिन पर प्रतिबंध लागू हो जाएगा। प्रतिबंध के लागू होने पर कोई भी दुकानदार, थोक, खुदरा विक्रेता, फेरीवाले, रेहड़ीवाले सहित कोई भी व्यक्ति किसी खाद्य पदार्थ या अखाद्य वस्तु के भंडारण या वितरण के लिए किसी प्रकार की प्लास्टिक की थैलियों की बिक्री, भंडारण या इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। इतना ही नहीं इनका निर्माण, आयात, भंडारण, बिक्री या ढुलाई नहीं कर सकेगा।  
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पैकिंग की छूट
पुस्तक, पत्रिका और निमंत्रण व स्वागत पत्र को बांधने या ढकने के लिए भी किसी प्रकार के प्लास्टिक कवर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। हालांकि पैकेजिंग का अभिन्न अंग या हिस्सा बनने वाली प्लास्टिक की थैलियां और वस्तुओं को पहले से सीलबंद करने वाली थैलियां इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगी।
अभी तक 20 माइक्रोन की थी छूट
पर्यावरण के लिए खतरा बन चुकी पॉलीथिन सूबे में पूरी तरह से प्रतिबंधित होगी। पॉलीप्रोपलीन से बने बैग भी इस्तेमाल नहीं किए जा सकेंगे। अभी 20 माइक्रोन से कम मोटाई और रंगीन पॉलीथिन के उपयोग पर ही प्रतिबंध है।
पॉलीप्रोपलीन भी प्रतिबंधित
पॉलीप्रोपलीन से बने बैग को भी पहली बार लिस्ट में शामिल किया गया है। यह एक प्रकार का थर्मोप्लास्टिक पॉलीमर है। इससे बने नॉन वीवेन या चाइनीज बैग के एकाएक कपड़े का होने का भ्रम होता है। बायोडिग्रेडेबल नहीं होने के कारण इससे भी पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है।
पांच साल तक की सजा
पॉलीथिन पर प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा-19 के तहत शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। प्रतिबंध लागू होने के बाद पॉलीथिन इस्तेमाल करने पर पांच साल तक का कारावास या एक लाख रुपये जुर्माना या दोनों कार्रवाई हो सकती है। यदि दोष सिद्ध होने के एक साल बाद भी उल्लंघन जारी रहता है तो कारावास की अवधि सात साल तक बढ़ाई जा सकती है।
कुछ दुकानदारों ने अभी से कहा ‘ना’
पॉलीथिन के खिलाफ कार्रवाई का अभियान शुरू होने में भले ही अभी कुछ दिन शेष हों, लेकिन कुछ दुकानदारों ने पॉलीथिन को अभी से ‘ना’ कह दिया है। केदार नगर स्थित युधिष्ठिर प्रवीजन स्टोर पर आने वाले ग्राहकों को कागज की थैलियों में सामान देते हैं या फिर घर से थैला लाने की नसीहत देते हैं। वहीं, आगरा फार्मा (मेडिकल स्टोर) ने तो अपने बिल पर ही पॉलीथिन का प्रयोग न करने का संदेश छपवा दिया है।
21 जनवरी से शहर में पॉलीथिन के प्रयोग पर प्रतिबंध लागू कर दिया जाएगा। छापेमारी कर पॉलीथिन जब्त की जाएगी, प्रयोग करते पाए जाने वालों पर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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- अनिल कुमार, उप नगर आयुक्त
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