शादी के बाद ऐसी तकरार हुई कि पति और पत्नी अलग-अलग रहने लगे। रिश्ता टूटने की नौबत आ गई थी, लेकिन छह साल बाद दोनों में फिर से समझौता हुआ और वे साथ रहने के लिए राजी हो गए।
मैनपुरी में दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर 6 साल पहले घर से निकाली गई पत्नी और पति के बीच कई बार की वार्ता के बाद रिश्तों पर जमी बर्फ पिघल गई। मतभेद भुलाकर दंपती साथ रहने को राजी हो गए। उनके बीच समझौता होने पर दंपती को समझौते की शर्तों का पालन करने की हिदायत देकर विदा कर दिया गया।
मामले के अनुसार जिला कन्नौज के थाना छिबरामऊ के लोधापुर के रहने वाले सुरेश ने पुत्री अल्पना की शादी बंटी निवासी घिरोर रोड कुरावली के साथ 2015 में की थी। अल्पना का आरोप था कि शादी के बाद सोने की जंजीर, फ्रिज, भैंस की मांग पूरी नहीं होने पर ससुराल के लोगों ने 2017 में मारपीट करके घर से निकाल दिया। सुरेश ने थाना घिरोर में शिकायत की।
पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी तो उसने एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा दायर किया। एसीजेएम कोर्ट से मामला सुलह समझौते के लिए परिवार परामर्श केंद्र में भेजा गया। परामर्श केंद्र से भेजे गए नोटिस के बाद बंटी और अल्पना उपस्थित हुए। उनके बीच कई दौर की वार्ता हुई। पति-पत्नी के गिलेशिकवे दूर हुए। अल्पना मतभेद भुलाकर साथ रहने को राजी हो गई। बंटी ने भी परेशान नहीं करने की बात कही। समझौता होने पर उनको विदा करा दिया गया।