आगरा। अब गांव-गांव खेल के मैदानों की तलाश शुरू हो गई है। मैदानों में कहां-कहां अतिक्रमण, कितने बच्चों के खेलने लायक, अतिक्रमण हटाने के लिए क्या कार्रवाई की गई। कितने खेल मैदान पिछले एक साल में तैयार कराए। इन सभी बिंदुओं पर तहसीलों के एसडीएम को 15 दिन में ब्योरा प्रशासन को उपलब्ध कराना होगा।
राजस्व परिषद ने ग्राम पंचायतों में खेलों के मैदानों पर हुए कब्जों को लेकर सख्त नाराज है। मार्च 2021 से अप्रैल 2022 तक जिला प्रशासन ने परिषद को तालाबों की स्थिति के बारे में नहीं बताया। इस संबंध में परिषद के उपभूमि व्यवस्था आयुक्त भीष्मपाल वर्मा ने जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह को आदेश दिए हैं। जिसमें प्रत्येक राजस्व ग्राम में बच्चों के खेलने की व्यवस्था के लिए मैदान चिह्नित करने की बात कही गई है। एडीएम प्रशासन अजय कुमार सिंह ने बताया कि सभी छह तहसीलों के एसडीएम को नोटिस जारी किए हैं। 15 दिन में ब्योरा मांगा है। हर गांव में सर्वे कर मैदानों का ब्योरा मांगा गया है। जहां कब्जे या अतिक्रमण हैं उनके विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
- सैंया ब्लॉक में मनिया गांव के प्रधान भुवेश्नर लवानिया ने बताया कि उनके गांव में खेल मैदान पर अवैध कब्जे हैं। अतिक्रमण कर ग्रामीणों द्वारा भैंसें बांधी जाती है। तहसील कर्मियों ने दस साल से मैदानों की सुध नहीं ली। उधर, गामरी पंचायत में खेल के मैदान पर डलावघर बन गया है। यहां कूड़ा-कचरा फेंका जाता है। जिसके कारण बच्चों के खेलने के लिए कोई उचित स्थान नहीं बचा है।