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अब प्रयागराज होगा साधू संतों का अगला पड़ाव, कर गए गमन

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कासगंज सोरोंजी में साधुओं के प्रयागराज गमन के बाद सूनसान पड़ा स्वामी अमृतानंद सोहम आश्रम - फोटो : KASGANJ
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सोरोंजी। तीर्थनगरी के आश्रमों में साधुओं की चहल कदमी से आई रौनक कम हो गई है। देश के कोने कोने से जुटे साधू-संतों की टोलियां प्रयागराज को गमन कर गईं। परदेसी साधुओं के साथ स्थानीय तमाम साधू भी माघ मेला की रौनक बढ़ाने पहुंच रहे हैं। मार्गशीर्ष माह उत्तर भारत की प्रसिद्ध तीर्थनगरी सोरोंजी के लिए विशेष महत्व रखता है। इस माह में सोरोंजी की सुंदरता को चार चांद लग जाते हैं। यहां आस्था की बयार तेजी से चलती है। देशभर से पहुंचने वाले नागा साधू इस मेले में करतब दिखाकर आकर्षण का केंद्र बने।
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इसके अलावा देश के कोने कोने तमाम वैष्णवी साधू भी सोरोंजी के वातावरण को भक्तिमय बनाने पहुंचे। सोहम आश्रम, भूतनाथ आश्रम, टांटिया आश्रम सहित लगभग 14 आश्रमों में साधू-संतों के ठहरने का इंतजाम था। सुबह हरि की पौड़ी के घाट पर हर हर गंगे के स्वर से वातावरण महक उठता था। मार्गशीर्ष माह के तीनों स्नान पूरे हो चुके हैं। इसके बाद सोरों आए परदेसी साधुओं ने यहां से गमन कर गए। आगामी दिनों में प्रयागराज में माघ मेला होगा। इसलिए साधुओं की टोलियां अपने अपने आश्रमों में न पहुंच कुंभ के आश्रमों में पहुंच रही हैं। तमाम स्थानीय साधू भी परदेसी साधुओं के साथ प्रयागराज पहुंच रहे हैं।
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