भारत सरकार देशभर के सभी विकास प्राधिकरणों में मानचित्र स्वीकृत किए जाने की प्रक्रिया में एकरूपता लाने जा रही है। इसके लिए सभी प्राधिकरणों को ऑनलाइन करने की योजना पर काम चल रहा है। फिलहाल दिल्ली विकास प्राधिकरण और मुंबई में आन लाइन मानचित्र स्वीकृत किए जाते हैं।
प्राधिकरणों से घर या व्यावसायिक भवन का मानचित्र स्वीकृत कराना टेढ़ी खीर होता है। पहले मानचित्र प्रस्तुत करने के लिए चक्कर काटने पड़ते हैं फिर अन्य विभागों की अनापत्ति हासिल में करने में महीनों लग जाते हैं। डेवलपमेंट चार्ज, सुपरवीजन चार्ज, मलवा शुल्क सहित कई प्रकार के चार्ज देने में आवेदकों को कई पटलों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
गुरुवार को शहरी विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्राधिकरणों में मानचित्र की प्रक्रिया को ऑनलाइन लाइन करने का निर्देश दिया है। आगरा विकास प्राधिकरण के अपर सचिव बाबू सिंह ने बताया कि यह प्रक्रिया केवल दिल्ली विकास प्राधिकरण और मुंबई में लागू है। जहां सभी प्रकार मानचित्र आनलाइन स्वीकृत किए जाते हैं।