नागरिक आपूर्ति विभाग राशन वितरण में होने वाली धांधली को पकड़ने के लिए तकनीकी का सहारा लेगा। अब कार्डधारकों को बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाने के बाद राशन मिलेगा। ये ई-पॉस नाम की आधुनिक मशीन है। डीलर ने ऐसी कोई कोशिश की तो मशीन उसकी पोल खोल देगी।
जनपद में करीब सात लाख कार्डधारक और 1300 के करीब राशन डीलर हैं। शुरुआती चरण में गांवों के डीलरों पर ये मशीन लगेगी। पहले चरण के लिए 477 मशीन विभाग को प्राप्त हो गई हैं। डीएसओ बीके शुक्ला ने बताया कि इस मशीन के जरिए डीलरों की मनमानी पर अंकुश लगेगा।
खाद्यान्न की सस्ती दर की दुकानों पर मशीन लगाई जाएगी। इससे पहले सभी कार्डधारकों के अंगूठे का निशान, आधार कार्ड नंबर, खाता संख्या जैसी अन्य जानकारी दर्ज की जाएंगी। राशन लेते वक्त कार्डधारक की उपस्थित रजिस्टर में नहीं मशीन पर लगेगी। अगर संबंधित कार्डधारक होने पर ही मशीन में उसके हिस्से का राशन का तय कोटा स्वीकार करेगा। इसकी मानीटरिंग सीधे विभाग से जुड़ेंगी, जहां डीलर के खाते में ये सभी जुड़ता जाएगा।
बायोमेट्रिक मशीन लगने से जिसके नाम से कार्ड है, उसी को मिलेगा। क्योंकि उसी व्यक्ति के अंगूठे का निशान, आधार कार्ड का बायोमेट्रिक मशीन में दर्ज होगा। ऐसा होने पर कार्डधारक के परिजनों को राशन नहीं मिल सकेगा।
अंगूठे का निशान, आधार कार्ड संख्या और बैंक खाता संख्या विभाग के पास होगा। बैंक से इसकी जानकारी की जाएगी, अगर पात्रता से अधिक धनराशि बैंक में है तो पकड़ में आ जाएगा, अन्य सेवाओं की भी जानकारी मिल जाएगी।