कासगंज कलेक्ट्रेट पर अभिलेखागार में में एटा से पहुंचे अभिलेखों का निरीक्षण करती डीएम व एडीएम ।
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एटा जनपद से अलग होकर कासगंज 14 वर्ष पूर्व नया जिला बना, लेकिन इतने दिनों तक एटा कलक्ट्रेट के अभिलेखागार में कासगंज जनपद की सभी तहसीलों के रिकॉर्ड रखे हुए थे। अब 82 साल पुराने राजस्व रिकॉर्ड एटा से कासगंज लाकर अभिलेखागार बनाया गया है। डीएम हर्षिता माथुर ने इसे जिले की बड़ी उपलब्धि बताते हुए अभिलेखागार का शुभारंभ किया।
जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने अपर जिलाधिकारी अजय कुमार श्रीवास्तव के साथ कलक्ट्रेट परिसर में बनाए इस अभिलेखागार का फीता काटकर शुभारंभ किया और निरीक्षण किया। पांच माह पूर्व जिले के अभिलेखों को एटा से मंगाने की कवायद शुरू की गई थी। इस कवायद में रिकॉर्ड लाने और उन्हें सूचीबद्ध करने में राजस्व टीम लगी हुई थी। जिले में तीन तहसीलों में कुल 10 परगना हैं। इसमें पांच परगना सदर तहसील में हैं, चार परगना तहसील पटियाली में हैं और एक परगना तहसील सहावर में है। इन सभी परगना से जुड़े राजस्व दस्तावेज जिले के अभिलेखागार में आ चुके हैं।
1940 से लेकर अब तक के दस्तावेज
1200 बस्ते दस्तावेजों के तैयार किए गए हैं। जिन्हें परगना के क्रम में सुरक्षित रखा गया है। यह दस्तावेज सन 1940 से लेकर अब तक के हैं। अब राजस्व का 82 साल पुराना रिकॉर्ड जिले में ही मिलेगा और लोगों को एटा अभिलेखागार जाने की कवायद से मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा चकबंदी से जुड़े रिकॉर्ड के बस्ते भी अभिलेखागार में लाए गए हैं। 663 बस्ते चकबंदी से जुड़े हुए हैं। अभिलेखागार शुरू होने पर अपर जिलाधिकारी अजय कुमार श्रीवास्तव ने भी प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने कहा कि लोगों को जिले में रिकॉर्ड आने से सहूलियत मिलेगी।
ये बड़ी उपलब्धि
जिले के राजस्व रिकॉर्ड का अपना अभिलेखागार अब तैयार हो चुका है। यह इस वर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धि है। लोगों को राजस्व रिकॉर्ड के लिए अब एटा के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और लोग कभी भी राजस्व रिकॉर्ड देख पाएंगे। इससे राजस्व वादों के निस्तारण में भी लाभ होगा। हर्षिता माथुर, जिलाधिकारी।