एटा जिले में स्वच्छ भारत अभियान में लापरवाही बरतने पर डीपीआरओ ने 12 ग्राम पंचायत सचिवों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। शौचालय निर्माण में लापरवाही बरतने पर डीपीआरओ ने सचिवों को फटकार लगाई है।
जिले को खुले में शौच मुक्त घोषित करने के लिए अक्तूबर 2018 तक का लक्ष्य है। विगत दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेसिंग पर जिले के हालात पर चिंता जताई थी।
साथ ही 10 अप्रैल तक लक्ष्य को पूरा करने के लिए कहा था। इसके बाद डीएम अमित किशोर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए। अभियान के तहत 10 अप्रैल तक जिले में 46 हजार शौचालय बनाए जाने हैं लेकिन अब तक 33 हजार शौचालय बन सके हैं।
नोटिस
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एक दिन में 13 हजार शौचालय बनाने के लिए विभाग जुटा है। हालांकि पंचायत सचिवों की मनमानी से अभियान को पलीता लग रहा है। जिले की करीब 27 ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण की धीमी प्रगति पर डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने नाराजगी जताते हुए 12 ग्राम पंचायत सचिवों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है।
उन्होंने बताया कि अभियान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सचिवों को चेतावनी दी गई है। कार्य में सुधार नहीं होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अभय सिंह, अखिलेश कुमार, अमित तोमर, भूप सिंह, दूधनाथ पटेल, कमलेश कुमार, लोकेंद्र, प्रभात, रजनीश कुमार, शुभम गुप्ता, उदयवीर दुबे, वीरेंद्र वर्मा आदि को नोटिस जारी किए गए हैं।