डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के बीएड सत्र 2004-05 की फर्जी अंकतालिका लगाकर परिषदीय बेसिक स्कूलों में नौकरी कर रहे शिक्षकों की संख्या आगरा में 241 हो गई है। सात शिक्षकों के नाम खंड शिक्षा अधिकारियों ने बाद में भेजे हैं। शुक्रवार से शिक्षकों को नोटिस जारी किया जाएगा।
एसआईटी की 4570 फर्जी प्रमाणपत्रों की सूची जिले में 28 अक्तूबर को प्राप्त हुई। 30 अक्तूबर से जांच प्रक्रिया शुरू हुई। 12 नवंबर को प्रक्रिया पूरी हुई। एसआईटी की सूची से मिलान के बाद जिले में 234 फर्जी शिक्षक पाए गए।
इनकी सूची बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा को भेज दी थी। सूत्रों की मानें तो कुछ शिक्षकों ने अपने नाम ब्लॉक स्तर से नहीं भिजवाए थे। इसकी जानकारी होने पर बीएसए ने शिक्षकों की सेवा पुस्तिका मांगी।
इसके बाद सात और शिक्षक ऐसे पाए गए, जिनकी अंकतालिका एसआईटी की ओर से उपलब्ध कराई गई सूची से मेल खा रही थी। अधिकतर शिक्षक सैंया ब्लॉक के हैं। बीएसए अर्चना गुप्ता का कहना है कि बाद में चिह्नित किए गए सात शिक्षकों की सूची भी अपर मुख्य सचिव को भेज दी गई है।
शुक्रवार से चिह्नित शिक्षकों को निर्धारित प्रोफार्मा पर नोटिस जारी किया जाएगा। एक हफ्ते के अंदर शिक्षकों को अपना पक्ष रखना होगा। शिक्षक को अपना पदनाम, कार्यरत विद्यालय का नाम, सर्विस बुक में अंकित पता की जानकारी देनी होगी। शिक्षक को नोटिस के माध्यम से बताया जाएगा कि एसआईटी की ओर से उपलब्ध कराई सूची के मुताबिक उनका बीएड का प्रमाणपत्र फर्जी है।
एक हफ्ते के अंदर देना होगा जवाब
शिक्षक को अपना लिखित अभिकथन पत्र जारी होने के एक हफ्ते के अंदर बेसिक शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराना होगा। जवाब के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। जो शिक्षक जवाब नहीं देगा, माना जाएगा कि उसे कुछ कहना नहीं है। उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। जवाब देने वाले शिक्षकों पर भी निर्णय लिया जाएगा।