मैनपुरी। गांव में ही श्रमिकों को रोजगार देने के लिए मनरेगा की शुरुआत की थी। लेकिन पंचायतों की लापरवाही से श्रमिकों को रोजगार नहीं मिल रहा है। जनवरी माह में 50 ग्राम पंचायतों में श्रमिकों को रोजगार नहीं मिला है। मामले में सभी पंचायतों को उपायुक्त मनरेगा ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जिले के नौ ब्लॉकों की 549 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत प्रतिदिन कार्य जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। इससे श्रमिकों को रोजगार मिलता रहा। लेकिन जनवरी में 50 ग्राम पंचायतों ने मनरेगा से कोई काम नहीं कराया है। इससे मानव दिवस शून्य रहा। इससे ना ही ग्राम पंचायत में कोई कार्य नहीं हुआ साथ ही श्रमिकों को रोजगार न मिलने से उन्हें भी परेशानी उठानी पड़ी। मामले में लापरवाही देखते हुए उपायुक्त मनरेगा की ओर से सभी 50 ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। उन्हें साक्ष्य सहित बताना होगा कि आखिर क्यों जनवरी में काम नहीं कराया गया। उचित जवाब न देने पर रोजगार सेवक और सचिव पर कार्रवाई की जाएगी।
जागीर ब्लॉक की सभी ग्राम पंचायतों में हुआ काम
जिले के कुल नौ ब्लॉकों में से केवल जागीर की ही सभी ग्राम पंचायतों में जनवरी में मनरेगा के तहत काम मिला। यहां कुल 37 ग्राम पंचायतों में कार्य कराया गया। बेवर में सर्वाधिक 13 ग्राम पंचायतों ने जनवरी में कोई काम नहीं कराया गया।
ब्लॉकवार शून्य मानव दिवस वाली ग्राम पंचायतें
बरनाहल-3
बेवर-13
घिरोर-3
करहल-8
किशनी-3
कुरावली-11
मैनपुरी-2
सुल्तानगंज-7
कुल-50
वर्जन
सभी ग्राम पंचायतों को मनरेगा कार्य जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जनवरी में 50 ग्राम पंचायतों ने कोई कार्य नहीं कराया। उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
पीसी राम, उपायुक्त मनरेगा।