पंचायत घर की जमीन पर कब्जा हटवाने पहुंचे अफसर
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एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स अध्यक्ष और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एम अरुन्मोली ने सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और नए भूमाफिया चिह्नित करने में लापरवाही बरतने पर सात पुलिस उपाधीक्षक, 15 थाना प्रभारी और तीन अधिशासी अभियंताओं को नोटिस जारी किए हैं। ये अधिकारी टास्क फोर्स बैठक से गैरहाजिर रहे। इस कारण कोरम पूरा नहीं हो सका।
सदर तहसील प्रशासन द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार को भेजी सूची में 22 पुलिस अधिकारियों ने नाम हैं। इनमें लोहामंडी, सदर, हरीपर्वत, छत्ता, कोतवाली, अछनेरा व फतेहाबाद सहित सात पुलिस उपाधीक्षक हैं जबकि शहर के 15 थाना प्रभारी हैं।
एसएसपी ने मांगा स्पष्टीकरण
एसएसपी ने इनसे स्प्ष्टीकरण मांगा है। इनके अलावा लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड एक के अधिशासी अभियंता नरेश कुमार, निर्माण खंड-दो के जेपी सिंह और सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता एसएस गिरी के संबंध में एडीएम प्रशासन को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
नए भूमाफिया चिह्नित नहीं किए जा सके
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एम अरुन्मोली ने बताया कि नजूल व अन्य सरकारी जमीनों पर कब्जों की शिकायतें मिलीं हैं। उनकी जांच रिपोर्ट टास्क फोर्स की 12 अक्तूबर की बैठक में रखनी थी, लेकिन 25 अधिकारी उपस्थित नहीं हुए। इस वजह से एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स में नए भूमाफिया चिह्नित नहीं किए जा सके। जबकि ये मुख्य सचिव व शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है।
भूमाफिया 23, संपत्ति जब्त सिर्फ तीन की
डीएम प्रभु एन सिंह ने शहर में 23 भूमाफिया घोषित किए हैं। इनकी संपत्तियों को जब्त करना है। परंतु तीन माह में सिर्फ तीन भूमाफियाओं पर कार्रवाई हो सकी।
इस संबंध में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कहा चिह्नित भूमाफियाओं की संपत्ति की रिपोर्ट पुलिस से प्राप्त नहीं हो सकी। इनके विरुद्ध कार्रवाई लंबित है। कार्रवाई के विरुद्ध कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका भी दायर कर रखी है। उच्च न्यायालय से निर्णय होने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
पंचायत घर की जमीन पर कब्जा हटवाने पहुंचे अफसरों से भिड़े लोग
अछनेरा के गांव हसेला में पंचायत घर की 13 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा हटवाने पहुंचे अफसरों से कब्जेदार पक्ष के लोग भिड़ गए। अधिकारी वहां से चले आए। सूचना पर पुलिस कब्जेदार को पकड़कर थाने ले आई। बाद में कब्जेदार पक्ष के लोगों ने प्रधान के प्रतिनिधि से मारपीट की।
गांव के महेश पर कब्जा करने का आरोप है। इस संबंध में शिकायत पर तहसील से बुधवार को एसडीएम सुमित सिंह, बीडीओ अनुराग गंगवार और तहसीलदार राजू कुमार राजस्व टीम के साथ गांव पहुंचे। आरोप है कि जैसे ही अफसरों ने कब्जा हटवाना शुरू किया महेश और उसके पक्ष के लोग पहुंच गए। हंगामा किया और अधिकारियों से भिड़ गए। मामला बिगड़ता देख अफसर वहां से हट गए और थाने से फोर्स बुला ली। पुलिस महेश को पकड़कर थाने ले आई। आरोप है कि इसके बाद महेश पक्ष के लोगों ने प्रधान प्रतिनिधि जितेंद्र सिंह से मारपीट की। जितेंद्र ने इस संबंध में तहरीर दी है। पुलिस ने महेश का शांतिभंग में चालान किया है।
गांव हसेला में 13 बीघा पंचायत घर की जमीन पर अवैध कब्जा करने की शिकायत है। कब्जा हटवाने पर वहां कुछ लोगों ने हंगामा किया था। हंगामा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की गई है। - सुमित सिंह, एसडीएम किरावली।