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पिछले 10 महीनें में 25 को जारी हुआ नोटिस, कार्रवाई एक पर भी नहीं

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मैनपुरी। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे अवैध क्लीनिक में झोलाछाप मरीजों को उपचार दे हैं। जब भी किसी मरीज की मौत होती है तो स्वास्थ्य विभाग नोटिस जारी कर कार्रवाई की बात करता है, लेकिन कार्रवाई नहीं की जाती है। बीते दस माह में 25 अवैध क्लीनिकों को नोटिस जारी किए गए गए, लेकिन कार्रवाई किसी पर नहीं हुई।
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जिले में बड़ी संख्या में बिना पंजीकरण के अवैध रूप से क्लीनिक और अस्पतालों का संचालन हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में मात्र 30 अस्पताल ही पंजीकृत हैं जबकि जिले में 100 से अधिक क्लिीनिक और अस्पतालों का संचालन बोर्ड लगाकर किया जा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग हाथ पर हाथ रखे बैठा है।
जिला अस्पताल में दर्ज रिकार्ड के अनुसार इस माह मृत अवस्था में लाए गए 16 मरीजों में से 15 ऐसे थे जो कहीं न कहीं उपचार ले रहे थे। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड के अनुसार पिछले 10 महीने में 25 लोगों को बिना पंजीकरण के क्लीनिक संचालित करने पर नोटिस जारी किया गया। कुछ दिन के लिए यह क्लीनिक बंद रहे और फिर से संचालन शुरू हो गया है।
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करानी चाहिए थी एफआईआर
नियम है कि अगर दोबारा अवैध क्लीनिक का संचालन किया जाता है तो उन पर एफआईआर दर्ज की जाएगी लेकिन स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत के चलते किसी पर भी रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।
रेफर के नाम पर हो रही ठगी
अवैध क्लीनिकों पर मरीजों से उपचार के नाम पर मनमानी धनराशि वसूली जाती है। वहीं मरीज को गंभीर बताते हुए आगरा के ऐसे अस्पतालों में भेज दिया जाता है जहां से उनका कमीशन बंधा हुआ है। जिला अस्पताल के बाहर भी आगरा के डॉक्टरों के एजेंट एंबुलेंस के साथ मौजूद रहते हैं। जैसे ही कोई मरीज गंभीर हालत में आता है उसे गुमराह कर ले जाते है।
अवैध क्लीनिकों को बंद कराने के लिए समय-समय पर कार्रवाई होती है। एक एसीएमओ के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। शीघ्र ही टीम अभियान चलाकर अवैध क्लीनिकों को बंद कराने का कार्य करेगी।
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-डॉ. पीपी सिंह, सीएमओ
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