किशनी। अमर उजाला में प्रकाशित खबर अभिलेखों में दर्ज नहीं जमीन बेचने का दे दिया अधिकार पर एसडीएम गोपाल शर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। एसडीएम ने मामले की पारदर्शी जांच के लिए तहसीलदार गौरव कुमार को नियुक्त किया है। नायब तहसीलदार पांच कर्मियों को नोटिस देकर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है।
किशनी तहसील में बड़े पैमाने पर बिना 57 ख के ही पट्टे संक्रमणीय कर दिए गए। इसमें शमशेरगंज क्षेत्र के काश्तकारों की संख्या सर्वाधिक है। अमर उजाला ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। एसडीएम गोपाल शर्मा ने मामले की जांच पारदर्शी तरीके से कराने के लिए तहसीलदार गौरव कुमार को नामित किया है। इसी के साथ नायब तहसीलदार पुष्पेंद्र यादव, एसडीएम न्यायालय के पेशकार महिपाल, आरके गौरव कुमार, लेखपाल देवेंद्र कुमार, अनुज कुमार को नोटिस देकर तीन दिनों में स्पष्टीकरण मांगा है। एक साथ पांच कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगे जाने से अब कार्रवाई होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। तहसीलदार को मामले की जांच सौंपे जाने पर तहसीलकर्मी परेशान हैं।
लेखपालों ने कैसे लगा दी रिपोर्ट
मुख्य रूप से तहसील प्रशासन की जांच में लेखपाल जांच में के घेरे में हैं। दरअसल लेखपाल ही भूमि संक्रमणीय करने के दावों पर सबसे पहले अपनी रिपोर्ट देते हैं। इसके बाद सभी अधिकारी उसी रिपोर्ट को अग्रेसित करते हैं। बाद में एसडीएम द्वारा रिपोर्ट के आधार पर ही निर्णय लिया जाता है। ऐसे में मामले से जुड़े लेखपालों पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।