घिरोर। गांव के समीप लगी बूरा, बताशे की फैक्टरी से निकलने वाले धुआं से लोगों का दम घुट रहा है। सड़क किनारे चल रही फैक्टरी पर जिम्मेदारों की नजर नहीं पहुंच रही है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
क्षेत्र के गांव गोधना में सड़क किनारे लगी बूरा, बताशे की फैक्टरी से रात दिन निकलने वाले धुआं से ग्रामीण परेशान है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे फैक्टरी लगी हुई है। लेकिन किसी अधिकारी को नजर नहीं आ रही है, जबकि चिमनी दिन रात धधकती है। धुआं निकलने से लोगों का रात में सोना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर किसान थोड़ी भी पराली में आग लगा दें तो रिपोर्ट दर्ज हो जाती हैं। धुआं उगलने वाली फैक्टरी से अधिकारी अंजान बने हुए है। ग्रामीणों ने धुएं से निजात दिलवाने की मांग जिलाधिकारी से की है।
तीन चिमनी सड़क किनारे लगी हैं। इसमें प्लास्टिक, चमड़ा आदि जलता है। निकलने वाले धुण्ं से ग्रामीण परेशान रहते है। फैक्टरी तहसील से लगभग पांच सौ मीटर दूरी पर है। अधिकारियों का रोजाना आना जाना है। फिर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
मानसिंह, गोधना
ग्रामीण धुआं के कारण खाना भी नहीं खा पा रहे है। कई लोग बीमार हो गए हैं। अधिकारी जान बूझकर अनजान है। किसान के द्वारा खेत में पराली जलाने पर रिपोर्ट दर्ज करवाई जाती है। व्यापारी द्वारा धुआं फैलाने पर अधिकारी अंजान बने हुए हैं।
रामलली, गोधना
मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी कराई जाएगी। अगर नियम विरुद्ध संचालन हो रहा है तो कार्रवाई की जाएगी।
-प्रसून कश्यप, एसडीएम घिरोर