आगरा कमिश्नर के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार को उत्तरी बाईपास का तीन घंटे तक निरीक्षण किया। इसमें टीम ने वाहन चालकों को आगरा के बजाय उत्तरी बाईपास से गुजरने के लिए जागरूक किया। साथ ही अन्य जरूरी उपायों को शामिल करते हुए रिपोर्ट बनाई है। अब उत्तरी बाईपास गूगल मैप पर भी दिखाई देगा। इससे वाहन चालकों को गुजरने में आसानी होगी।
एआरटीओ आलोक अग्रवाल ने बताया कि संयुक्त टीम ने रैपुरा जाट से खंदौली के बीच बने उत्तरी बाईपास का निरीक्षण करते हुए जरूरी बिंदुओं पर रिपोर्ट बनाई है। अभी शहर से गुजरने वाले वाहनों में से 15-20 फीसदी ही उत्तरी बाईपास से गुजर रहे हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए इसमें सबसे पहले उत्तरी बाईपास को गूगल के सर्वर पर अपलोड करा दिया है। अब ये गूगल पर भी दिखाई देगा। इससे चालकों को रूट की भी जानकारी हो सकेगी। टीम ने वाहन चालकों को रोककर उत्तरी बाईपास से गुजरने के लिए भी कहा। बताया कि उत्तरी बाईपास से गुजरने के लिए दो टोल प्लाजा पर कर देना पड़ेगा। ऐसे में कमिश्नर स्तर से यूपीसीडा और एनएचएआई के अधिकारियों से बात कर इस समस्या का भी समाधान कराया जाएगा। इसके अलावा टीम ने कई बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार की है, जो कमिश्नर को सौंपी जाएगी।
शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक की उठी थी मांग
बुधवार को मंडलायुक्त के कैंप कार्यालय पर जाम की परेशानी के समाधान के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग उठी थी। इस पर कमिश्नर ने एनएचएआई, यातायात पुलिस, आरटीओ समेत कई विभागों के अधिकारियों को निरीक्षण कर रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए थे।
इन सिफारिशों की संस्तुति:
- एंट्री पॉइंट और इससे एक किमी पहले गेटवे बोर्ड लगें। इससे तीन किमी. पहले हर 500 मीटर की दूरी पर मोटे अक्षरों के बोर्ड लगाए जाएं।
- एंट्री पर सफेद लाइन की पट्टी को गहरा किया जाए। हाईमास्ट लाइट और कैट आई की संख्या बढ़ाई जाए।
- पौधे लगाकर सौंदर्यीकरण किया जाए। अवैध कट बंद कराए जाएं। बैठने के लिए बेंच बढ़ाई जाएं।
- एंट्री गेट पर वाहन बेतरतीब ढंग से न खड़े किए जाएं। सिविल पुलिस तैनात की जाए। सीसीटीवी कैमरे लगें।
- 500 मीटर पहले चढ़ाई पर गति कम करने के लिए प्लास्टिक की रंबल स्टि्रप लगाई जाए।
- भारी वाहनों को शहर से गुजारने पर जुर्माना लगाने का चेतावनी बोर्ड लगाया जाए।
- भविष्य में शहर के बीच से वाहन गुजारने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए नो एंट्री लागू की जाए।