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इलाज के नाम पर प्राइवेट अस्पताल में 'लूट', आईसीयू में भर्ती मिले सामान्य मरीज, नोटिस जारी

Wed, 28 Aug 2019 12:06 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को नोटिस जारी किया - फोटो : अमर उजाला
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आगरा के कमला नगर स्थित अमरदीप हॉस्पिटल में आईसीयू में सामान्य मरीजों का इलाज होता मिला। यहां पांच मरीज भर्ती थे, जिसमें तीन मरीजों को आईसीयू की दरकार नहीं थी। आईसीयू में कोई चिकित्सक भी नहीं मिला। पैरामेडिकल स्टाफ भी अप्रशिक्षित था। आईसीयू संचालन पर रोक लगा दी है। नोटिस भी जारी किया है। 
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जिलाधिकारी के यहां शिकायत पर एसीएम प्रथम के नेतृत्व में सोमवार को छापा मारा गया। आईसीयू में गुड्डी देवी (ऑपरेश्न से प्रसव) रहनकला, भारतेंदु (हाथ की अंगुली कट गई) एटा, नेमपाल (पेट में संक्रमण) एटा, पूजा (ऑपरेशन से प्रसव) रोहता और संतो देवी (पेट में गांठ) फिरोजाबाद मरीज भर्ती थे। 

टीम ने जब इन मरीजों के इलाज के पर्चे जांचे तो इनमें गुड्डी देवी और भारतेंदु आईसीयू में रखे जा सकते थे, लेकिन बाकी के तीन मरीजों की हालत ऐसी नहीं थी कि आईसीयू में रखा जाए। नर्सिंग स्टाफ में एक अप्रशिक्षित पाई गई। बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण ढंग से नहीं हो रहा था। स्टाफ को भी इसकी जानकारी नहीं थी। आईसीयू के संचालन पर रोक लगाते हुए नोटिस दिया है। 
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स्टाफ अप्रशिक्षित मिला

एसीएमओ डॉ. अजय कपूर ने बताया कि आईसीयू में सामान्य मरीजों को भी भर्ती किया गया। एक स्टाफ अप्रशिक्षित मिला। बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण मानक अनुसार नहीं मिला। आईसीयू के संचालन पर रोक लगाई है। नोटिस दिया गया है। 

अस्पताल संचालक डॉ. सुरेश छाबड़ा ने कहा कि दो मरीज ही आइसीयू में भर्ती थे, बाकी के तीन मरीज स्पेशल वार्ड में थे, टीम को यह आईसीयू प्रतीत हो रहा था। किसी भी मरीज से अतिरिक्त चार्ज नहीं वसूला है। 

आईसीयू का 3500 रुपये था प्रतिदिन का चार्ज 

अस्पताल में मरीजों से रुपयों की उगाही के लिए सामान्य मरीजों को आईसीयू में रखा जा रहा है। अमरदीप हॉस्पिटल में सामान्य वार्ड का 1500 रुपये और आईसीयू का 3500 रुपये प्रतिदिन का चार्ज था। ऐसे में सामान्य मरीजों को आईसीयू में रखकर बिल बनाया जा रहा था।

पैकेज पर किया जा रहा था मरीजों का इलाज

अस्पताल में पैकेज पर मरीजों का इलाज किया जा रहा था। नेमपाल 25 अगस्त को भर्ती हुए, उनसे छह हजार रुपये जमा कराए। पूजा 23 को भर्ती हुई, उनसे 16 हजार रुपये, संतो देवी 25 को भर्ती हुई, जिनसे पांच हजार रुपये जमा कराए गए। गुड्डी देवी से पांच हजार रुपये और भारतेंदु से 25 को भर्ती हुए, उनसे भी तीन हजार रुपये जमा कराए गए। बाकी का खर्च मरीजों को डिस्चार्ज के बाद लिया जाना था। 
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