प्रदेश में बिगड़ी कानून व्यवस्था, कैराना, जवाहर बाग और लखनऊ में बढ़ते अपराधों के बारे में मुख्यमंत्री ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है। यह कहना है राज्यपाल राम नाईक का। वैश्य महासम्मेलन का शुभारंभ करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछले दिनों प्रदेश से जुड़े चार मामलों के संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। मगर, विदेश यात्रा पर होने के कारण वे अब तक जवाब नहीं दे पाए हैं।
राज्यपाल ने कहा कि इन चारों मामलों की रिपोर्ट आने के बाद आगे कोई फैसला लिया जाएगा। बता दें कि पिछले महीने की शुरुआत में मथुरा के जवाहर बाग को खाली कराते समय दो पुलिस अधिकारी शहीद हुए थे, साथ ही 26 अन्य मारे गए थे। इसके अलावा शामली के कैराना में तमाम हिंदुओं के पलायन के मामले ने प्रदेश की राजनीति को गर्मा दिया था। ऐसे ही मामलों को लेकर राज्यपाल ने मुख्यमंत्री से रिपोर्ट तलब की थी। इधर, बिहार में शिक्षा प्रणाली पर उठ रहे सवालों पर राज्यपाल ने कहा कि अब तक अपने प्रदेश में ऐसा कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों में समय पर परीक्षाएं हुई हैं। अब प्रवेश प्रक्रिया चल रही है।
‘मंच के लिए चंदा ही नहीं वक्त भी दे वैश्य समाज’
महासम्मेलन में केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया ने वैश्यों की समाज में आर्थिक और सामाजिक भूमिका पर प्रकाश डाला। कहा कि राजनीति या अन्य कार्यक्रमों के मंच वैश्य समाज के आर्थिक सहयोग से ही सजते हैं। अब वे सिर्फ मंच के लिए चंदा ही न दें, बल्कि समय भी दें। कठेरिया ने आह्वान किया कि राजनीति में अच्छे लोगों की जरूरत है। ऐसे में उन्हें आगे आना चाहिए।
कठेरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया को वैश्य समाज अंजाम तक पहुंचाने में सहयोग कर रहा है। वैश्य समाज की तरक्की व मजबूती में देश व दुनिया का विकास निहित है। इससे पहले कठेरिया ने सभी का स्वागत किया। कहा कि वे यहां अतिथि नहीं बल्कि मेजबान की भूमिका में हैं। इस दौरान वे पिछले दो लोकसभा चुनावों में अपनी जीत के लिए वैश्य समाज को श्रेय देना नहीं भूले।