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नई ट्रेन देना तो दूर लिंक भी भूल गया रेलवे

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धीमे-धीमे जब रेल पटरी पर लौट रही है तो कासगंज की अपेक्षित उम्मीदें पूरी नहीं हो पा रहीं। यहां के यात्रियों की मांग लटकी हुई है। दैनिक सवारी गाड़ियां संचालित करने की मांग उठ रही है। वहीं अन्य साप्ताहिक गाड़ियों की भी मांग है। रेलवे अभी तक यात्रियों की मांग पर खरा नहीं उतर पा रहा। इधर छपरा-फर्रुखाबाद के बीच चलाई गई त्रिसाप्ताहिक ट्रेन का भी कासगंज से गुजरने वाली ट्रेनों का कोई लिंक नहीं रखा है।
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कोरोना काल से पहले वाया कासगंज 19 से अधिक ट्रेनें दौड़ती थीं लेकिन कोरोना काल में ट्रेनों के पहिए थमे तो कासगंज स्टेशन पर भी सन्नाटा हो गया। अनलॉक में यहां धीमे-धीमे 5 जोड़ी साप्ताहिक और त्रिसाप्ताहिक ट्रेनें मिलीं। जबकि दो दैनिक स्पेशल ट्रेनें कानपुर ट्रैक पर मिलीं, लेकिन इन सभी ट्रेनों में आरक्षण व्यवस्था प्रभावी है। ऐसे में यात्रियों को अपेक्षित सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा। यात्री बिना आरक्षण के सवारी गाड़ियों के संचालन की मांग कर रहे हैं। हालांकि कुछ स्टेशनों से रेलवे सवारी गाड़ियों का संचालन शुरू कर चुका है, लेकिन वाया कासगंज एक भी सवारी गाड़ी नहीं है।
इधर रेलवे ने कासगंज से सीधे जुड़े फर्रुखाबाद स्टेशन से छपरा तक दो मार्च से त्रिसाप्ताहिक ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन फुर्रुखाबाद से छपरा की ओर प्रत्येक बुधवार, बृहस्पतिवार और रविवार को दोपहर 2:35 बजे गुजरेगी, लेकिन इस ट्रेन से कासगंज के यात्रियों को सहूलियत नहीं मिलेगी। क्योंकि अब तक जो ट्रेन चलाई जा रही हैं उनका इस ट्रेन को कोई लिंक नहीं है।
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वर्जन-
- छपरा-फर्रुखाबाद के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय रेलवे बोर्ड का है। 2 मार्च से ट्रेन चलेगी। समय सारिणी भी रेलवे के उच्चाधिकारियों द्वारा जारी की गई है। कासगंज से पैसेंजर ट्रेन चलाने का निर्णय अभी रेलवे बोर्ड ने नहीं लिया है। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ।
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