मुख्य सचिव दीपक सिंघल के निर्देश पर गुरुवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बिना बिजली कनेक्शन वाले स्कूलों की सूची तैयार कराई। इसमें जिले के करीब 50 फीसदी परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बिजली का कनेक्शन ही नहीं है। पारा 45 पार पहुंचा तब भी विद्यार्थी बिना पंखे के स्कूलों में पढ़ाई कर रहे थे।
गुरुवार को रक्षाबंधन का अवकाश होने के बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी स्कूलों में बिजली कनेक्शन के आंकड़े जुटाने में लगे रहे। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 1409 स्कूलाें की सूची मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी। इनमें बिजली का कनेक्शन तक नहीं है। वहीं बड़ी संख्या में ऐसे भी विद्यालय हैं, जिसमें कागजों में कनेक्शन हुआ है।
‘ परिषदीय स्कूलों में बिजली आपूर्ति की वास्तविक स्थिति पता करनी है तो विभाग को कमेटी गठित करके जांच करानी चाहिए। कुछ और आंकड़े सामने आएंगे। 80 फीसदी से अधिक स्कूलों में बिजली, पंखे की व्यवस्था नहीं है। शिक्षक और विद्यार्थी गर्मी में बैठ रहे हैं।’
- राजेंद्र सिंह राठौर, जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ
‘वर्ष 2011-12 के बाद स्कूलों में बिजली कनेक्शन के लिए पैसा नहीं मिला है। बिना बिजली कनेक्शन वाले स्कूलों की सूची मुख्य विकास अधिकारी को उपलब्ध करा दी गई है। उम्मीद है सरकार इनके लिए जल्द बजट देगी।’
- धर्मेंद्र कुमार सक्सेना, बेसिक शिक्षा अधिकारी