सूबे की सपा सरकार ने ताज का नाम लेकर आगरा से छलावा किया और एयरपोर्ट इटावा के नाम कर दिया गया। यही नहीं, सैफई में प्रस्तावित इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ही ताज के सबसे नजदीक बताकर बनाने की तैयारी है। सैफई एयरपोर्ट पर नाम तो ताज इंटरनेशनल एयरपोर्ट का होगा, लेकिन आगरा से यह 112 किमी की दूरी पर बनना प्रस्तावित है। हैरतअंगेज पहलू ये है कि पूरे देश में जितने भी इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं, वह अपने शहरों से 40 किमी परिधि में ही बने हैं लेकिन ताजमहल का नाम लेकर एयरपोर्ट को 112 किमी दूर बनाया जाएगा। पर्यटन उद्योग ने प्रदेश सरकार के इस फैसले पर ही सवाल खड़े किए हैं।
जयपुर से सबक सीखने को तैयार नहीं सरकार
गोल्डन ट्रायंगल के शहर दिल्ली-आगरा-जयपुर में केवल आगरा ही ऐसा है जो इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जुड़ा नहीं है। आगरा में जहां 65 लाख भारतीय और 8 लाख विदेशी पर्यटक आते हैं, वहीं जयपुर में 30 लाख देश से और करीब 7 लाख विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सालाना 2580 इंटरनेशनल और 17425 घरेलू उड़ाने हैं, जिनके जरिए हर साल 3.5 लाख विदेशी यात्री और 17.50 लाख भारतीय सैलानी उड़ान भर रहे हैं। आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने पर इससे कहीं ज्यादा यात्री उड़ान भर पाएंगे, जबकि सैफई एयरपोर्ट बनने पर पर्यटक दिल्ली से दो घंटे में आगरा आना बेहतर मानेंगे। पर्यटन उद्योग सैफई एयरपोर्ट को पर्यटन के लिए फायदे का सौदा नहीं मानता। पहले ही पर्यटन उद्यमी आगरा की जगह सैफई में एयरपोर्ट बनाने पर सवाल खड़ा कर चुके हैं।
इन शहरों में इतना दूर है एयरपोर्ट
शहर दूरी
लखनऊ 10 किमी
वाराणसी 18 किमी
जयपुर 7 किमी
भोपाल 4.5 किमी
पटना 5 किमी
बंगलुरू 40 किमी
अमृतसर 11 किमी
चंडीगढ़ 14 किमी
श्रीनगर 11 किमी
हैदराबाद 22 किमी
गुवाहाटी 22 किमी
‘आगरा से सैफई ज्यादा दूर नहीं है। एक घंटे में एक्सप्रेस वे से आगरा से सैफई पहुंचा जा सकता है। आगरा के पास ही तो है। भदरौली को किसी वजह से नहीं चुना गया होगा, यहां बनता तो भी तो उतनी ही दूरी और समय लगता। सैफई उससे ज्यादा ठीक है’
रामसकल गुर्जर
राज्यमंत्री, यूपी
‘इंटरनेशनल एयरपोर्ट भदरौली में बनता तो इसका कोई फायदा भदरौली को तो नहीं होता। वैसे भी इस मुद्दे पर हमसे प्रतिक्रिया मत लीजिए। हम इस पर कोई कमेंट नहीं कर पाएंगे’
अरिदमन सिंह
पूर्व मंत्री, विधायक बाह