आगरा के थाना कमला नगर क्षेत्र के एफ ब्लाॅक में दंत चिकित्सक पीयूष सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने चार दिन बाद पीड़ित परिजनों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की है। इससे परिजनों में आक्रोश है। वे बुधवार को डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास से मिले। गोरखपुर की युवती और उसके परिजन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
आगरा के एफ ब्लाक, कमला नगर निवासी पीयूष सिंह ने कानपुर के मेडिकल कालेज से पढ़ाई की थी। वहीं पर नाैकरी भी करने लगे थे। पिता महिपाल सिंह के मुताबिक, तब बेटे की दोस्ती गोरखपुर की युवती से थी। इस बात की जानकारी उसके परिजनों को हुई तो वो बेटे को धमकाने लगे। इस वजह से वो छह महीने पहले नाैकरी छोड़कर घर आ गया था।
इसके बावजूद युवती के परिजनों ने महिला हेल्पलाइन पर बेटे के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस के फोन आने की वजह से डा. पियूष तनाव में आ गए। उन्होंने शनिवार रात को घर में बेहोशी का इंजेक्शन लगा लिया था। इससे उनकी माैत हो गई थी। पिता ने बेटे की माैत के लिए युवती, उसके परिजन और पुलिस को जिम्मेदार ठहराया था।
थाना कमला नगर में तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई। मगर अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। इस पर बुधवार को मृतक के परिवार के यशवर्धन आर्या डीसीपी सिटी से मिलने पहुंचे। परिजन ने कहा कि बेटे की आत्महत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाए। आरोपियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। यह भी कहा कि पुलिस सुनवाई नहीं करेगी तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। डीसीपी सिटी ने बताया कि दंत चिकित्सक के खिलाफ युवती ने 1090 पर शिकायत दर्ज कराई थी। परेशान करने के आरोप लगाए थे। इस मामले में जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।