छात्राओं को लाने-ले जाने वाले वाहनों में महिला अटेंडेंट रखना अनिवार्य है। नहीं रखने पर आरटीओ विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। चालकों और अटेंडेंट का पुलिस सत्यापन भी अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने पर 10 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
आगरा में छात्राओं की सुरक्षा के लिए तय व्यवस्था की हकीकत स्कूल वाहनों की जांच में सामने आ गई। छात्राओं के लिए चलाए जा रहे 13 वाहनों में महिला अटेंडेंट नहीं मिली। आरटीओ प्रवर्तन ने संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अभियान में 98 वाहनों के चालान और 73 सीज किए गए।
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आरटीओ प्रवर्तन अखिलेश द्विवेदी ने बताया कि 14 से 19 सितंबर तक मिशन सेफ फ्यूचर-0.3 में स्कूलों और सड़क पर वाहनों की जांच की गई। छात्राओं को लाने-ले जाने वाले वाहनों में महिला अटेंडेंट रखना अनिवार्य है। नहीं रखने पर नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि चालकों और अटेंडेंट का पुलिस सत्यापन भी अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने पर 10 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
अभियान के तहत स्कूल परिवहन यान समिति में एसएचओ और नायब तहसीलदार को सदस्य बनाया गया है। वाहन से हादसा होने पर संबंधित एसएचओ, नायब तहसीलदार, बीएसए और एबीएसए की जिम्मेदारी तय करने का प्रावधान है। उन्होंने सभी वाहन संचालकों को मानक पूरे कराने के निर्देश देते हुए अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई की चेतावनी दी है।