13 ग्राम पंचायतों ने दिसंबर 2024 में 24.63 लाख रुपये का भुगतान सचिवालय के बाहर से किया था। यह संख्या दिसंबर 2025 में बढ़कर 20 पंचायतों तक पहुंच गई। इन पंचायतों ने 1 से 31 दिसंबर के बीच कुल 59.38 लाख रुपये का भुगतान किया। शासन ने आईपी एड्रेस ट्रेस कर इस गड़बड़ी को पकड़ा है।
ग्राम पंचायत में विकास का जिम्मा संभालने वाले सचिवों की मनमानी बढ़ती जा रही है। उन्हें न नियमों की चिंता है और न ही शासन या अधिकारियों से होने वाली कार्रवाई का डर है। ग्राम पंचायत सचिवालय के गेटवे सॉफ्टवेयर से भुगतान न करके सचिव भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं।
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जनपद की 13 ग्राम पंचायतों ने दिसंबर 2024 में 24.63 लाख के भुगतान किए थे। इनकी संख्या 2025 में बढ़कर 20 हो गई। इन 20 पंचायत के सचिवों ने 1 से 31 दिसंबर तक 59.38 लाख के भुगतान किए हैं। इनकी करतूत शासन ने आईपी एड्रेस ट्रेस कर पकड़ी है। जिला प्रशासन को कार्रवाई के लिए पंचायतीराज निदेशालय ने ऐसे पंचायतों की सूची भेजी गई है।
इस खेल में 15 में से 9 ब्लॉक की पंचायत शामिल हैं। इनमें अकोला ब्लाॅक की मनिया में 4.18 लाख, उजरई में 2.54 लाख, खेरिया में 96 हजार, फतेहाबाद ब्लॉक की जरारी 5.32 लाख, धिमीश्री में 33 हजार, फतेहपुर सीकरी ब्लाॅक के दाऊदपुर में 3.57 लाख, भड़कौल में 1.89 लाख, सामरा में 47 हजार, जगनेर ब्लॉक के भारा में 1.78 लाख, जैतपुर कला ब्लॉक के सुजानपुरा में 4.30 लाख, पहाड़पुरा में 2.98 लाख, गढ़ी रंपरा में 2.20 लाख, अमाही में 1.30 लाख, खंदौली ब्लॉक के नहर्रा में 11.92 लाख, गिजौली मुस्तिकल में 3.75 लाख, खेरागढ़ ब्लॉक के बुरहेड़ा में 8.52 लाख, सैंया ब्लॉक के शेरपुर में 1.75 लाख, नगला मोहरे में 96 हजार, मुखरई में 11 हजार और शमसाबाद की चितौरा में 50.30 हजार रुपये के भुगतान किए हैं।
यह है आदेश
गांव के विकास कार्यों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए ग्राम पंचायत सचिवालय के कंप्यूटर से गेटवे साॅफ्टवेयर के माध्यम से विकास कार्यों का भुगतान करने के आदेश हैं। हालांकि, प्रधान और पंचायत सचिव ने गेटवे साॅफ्टवेयर की जगह पंचायत सचिवालय से बाहर से भुगतान कर दिया है। ग्राम पंचायत सचिवालय के कंप्यूटर से विकास कार्यों का भुगतान करने पर सचिवालय में तैनात पंचायत सहायक को भी जानकारी रहती है कि कितना पैसा किस काम में खर्च हुआ। पंचायत सहायक उसी पंचायत के निवासी होते हैं। ऐसे में सचिव व प्रधानों को भ्रष्टाचार खुलने का डर रहता है और वे साॅफ्टवेयर से भुगतान करने के लिए बचते हैं।
नोटिस भेजने की तैयारी
जिला पंचायतराज अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि शासन ने पंचायत सचिवालय के गेटवे से बाहर भुगतान करने वाली पंचायतों की सूची भेजी है। उनसे स्पष्टीकरण मांगने के लिए नोटिस भेजने की तैयारी चल रही है। दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।