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यूपी कैबिनेट की बैठक से मथुरा को फिर मिली निराशा

Tue, 02 May 2017 10:49 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला मथुरा
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श्रीकृष्‍ण जन्मस्‍थान
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उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक से मथुरा को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। वह तब जब मथुरा में दो कैबिनेट मंत्री, तीन विधायक और सांसद भी भाजपा की हैं। नगरपालिका चेयरमैन भी भाजपाई। संघ का सबसे मजबूत सेंटर लेकिन सब मिलकर मथुरा को नगर निगम बनाने के लिए पैरवी नहीं कर पाए। सभाओं में दावे करने वाले हमारे माननीय सरकार के समक्ष मजबूत होकर अपना पक्ष रख ही नहीं पाए। यही कारण रहा कि कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव शामिल नहीं हो सका।
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करीब 10 साल से मथुरा को नगर निगम बनाने की मांग गूंज रही है। इस दौरान जो भी सरकार आई उसी ने नगर निगम बनाने का दावा किया। बीच-बीच में प्रस्ताव भी मांगे जाते रहे, सुगबुगाहट होती रही, लेकिन नतीजा सिफर रहा। अब भाजपा की सरकार बनी तो लोगों को एक उम्मीद बंधी कि अब नगर निगम का सपना पूरा हो जाएगा, क्योंकि सरकार में पैरवी करने के लिए दो कैबिनेट मंत्री और तीन विधायक जो हैं। मंगलवार को होने वाली कैबिनेट की मीटिंग पर मथुरावासियों की निगाह लगी रही, लेकिन जब पता चला कि कुछ नहीं हुआ तो सभी निराश हो गए।

गोवर्धन के विधायक कारिंदा सिंह का कहना है कि मथुरा को नगर निगम बनाने के लिए पूरी ताकत के साथ पैरवी की जाएगी। वृंदावन में जो संतों का विरोध हो रहा है उनकी भी जो मांग है उस पर सरकार गहनता के साथ विचार करेगी।
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प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा बोले पूरी पैरवी की जा रही है। देर सवेर मथुरा नगर निगम बन ही जाएगा। इसके लिए शासन स्तर पर प्रयास हो रहे हैं। मैं खुद इसके लिए लगा हुआ हूं। वहीं भाजपा के जिलाध्यक्ष चौधरी तेजवीर सिंह ने कहा कि एक बड़ी आबादी की आवाज को अनसुना नहीं किया जा सकता। शासन स्तर पर नगर निगम के लिए प्रयास हो रहे हैं और आगे भी होते रहेंगे। उम्मीद है कि मथुरा को नगर निगम का दर्जा मिल जाएगा।
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