तीन लोगों पर दर्ज है एफआईआर
छह जून 2022 को थाना किशनी में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मामले में तत्कालीन तहसीलदार कमल सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें राजेश बाबू के अलावा गांव अरसारा निवासी हरेंद्र यादव और एटा के गांव बनिया निवासी विमलचंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
ये होती है विधिक कार्रवाई
राज्य स्क्रूटिनी कमेटी ने डीएम को निर्देशित किया था कि वे तत्कालीन तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करें। जिला शासकीय अधिवक्ता (सिविल) अजीत नरायन चौहान के अनुसार विधिक कार्रवाई में एफआईआर के साथ विभागीय कार्रवाई भी शामिल है। शासकीय कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई आवश्यक है। इसीलिए स्क्रूटिनी कमेटी ने विधिक कार्रवाई के आदेश दिए होंगे।
किशनी के एसडीएम जयप्रकाश ने कहा कि राज्य स्क्रूटिनी कमेटी ने तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल पर कार्रवाई के आदेश दिए थे। कानूनगो की जाति प्रमाणपत्र जारी करने में कोई भूमिका नहीं है। लेखपाल को पूर्व में ही निलंबित किया जा चुका है। तहसीलदार पर शासनस्तर से ही कार्रवाई की जाएगी।