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ख्वाब दिखाए भरपूर मगर फ्लाईओवर पर मजबूर

Sun, 11 Dec 2016 12:34 AM IST
ख्वाब दिखाए भरपूर मगर फ्लाईओवर पर मजबूर
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ख्वाब दिखाए भरपूर मगर फ्लाईओवर पर मजबूर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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यमुना में वाटर पोर्ट बनेगा जिस पर ताजमहल के बराबर में आकर हवाई जहाज उतरेगा, फिर यहां से उदयपुर के लिए उड़ेगा। दिल्ली-आगरा के बीच यमुना में पानी के जहाज ही नहीं, वाटर बस भी चलेगी। तमाम नदियों में मल्टीपल पोर्ट बनाएंगे। इसमें एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा एक  साथ होंगे। नितिन गडकरी जब मंच से जब हसीन ख्वाब दिखा रहे थे, तब सामने बैठे लोग हैरान नजर आ रहे थे।  गडकरी समझ गए कि  बात पब्लिक के गले उतर नहीं रही है। बोले, यकीन करना मुश्किल है, लेकिन ये सब काम होंगे।
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दरअसल, हैरानी इसलिए भी हुई क्योंकि गडकरी ने सपने तो बहुत सुहाने दिखाए लेकिन शहर की सबसे बड़ी समस्या के फटाफट समाधान में खुद को मजबूर बताया। मामला एनएच-2 पर खंदारी, वाटर वर्क्स और सुल्तानगंज की पुलिया पर बन रहे फ्लाईओवर का है। 2013 से काम चल रहा है, लेकिन निर्माण की चाल कछुए से भी धीमी  है।
इसी के चलते शहर रोड ट्रैफिक से जाम रहता है। बात गडकरी तक पहुंची है। उन्होंने कहा, पहले एएसआई ने अड़ंगा लगाया। उसके अधिकारियों की क्लास ली। एनएचएआई और कार्यदायी संस्थाओं को भी डांट लगाई है। क्या करें, अगर अफसरों को टर्मिनेट करें तो कोर्ट चले जाते हैं।
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उन्होंने कहा कि वह लोगों की परेशानी समझते हैं लेकिन मई 2017 तक काम पूरा हो जाएगा। उन्होंने पब्लिक को यकीन दिलाने के लिए हर घोषणा के साथ यह भी बताया कि इस पर काम कब शुरू होगा।
--। नोटबंदी पर एक शब्द नहीं बोला
गडकरी ने अपने 30 मिनट के भाषण में नोटबंदी पर एक शब्द तक नहीं कहा। इशारों में इतना जरूर कहा कि देश बदल रहा है। ये अच्छे दिनों से पहले के कठिन समय     है।
--। पांच लाख करोड़ के काम कराउंगा
हजार-पांच सौ के जो नोट बंद किए गए हैं, उनकी कुल कीमत पांच लाख करोड़ से कम है। जबकि नितिन गडकरी का दावा है कि वह पांच साल के कार्यकाल में यूपी में दो लाख करोड़ और देश में पांच लाख करोड़ के काम शुरू करा देंगे।
--। अपनी जिंदगी में नहीं देख पाओगे गड्ढा
गडकरी ने कहा कि जिन सड़कों का शिलान्यास किया है, सब कंक्रीट और सीमेंट से बनेंगी। आप इन पर अपने जीवन में गड्ढ़ा नहीं देख पाओगे। दिल्ली के चारों ओर रिकार्ड 400 दिन में पेरीफेरेल एक्सप्रेस वे तैयार हो रहे    हैं।
--। हर साल मरते हैं डेढ़ लाख लोग
गडकरी ने बताया कि  देश में हर साल पांच लाख हादसों में 1.5 लाख लोग मर जाते हैं। अच्छी सड़कें बनने पर इनमें कमी आएगी। पहले दो किलोमीटर सड़क रोज बनती थी, अब 28 किलोमीटर रोज बन रही है।

दक्षिण बाईपास शुरू  उत्तरी का शिलान्यास
आगरा। केंद्रीय भूतल परिवहन और एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को दक्षिणी बाईपास के लोकार्पण के साथ-साथ शहर में उत्तरी बाईपास के निर्माण की घोषणा भी कर दी है। उत्तरी बाईपास के बनने के बाद शहर के बाहर सड़कों की एक रिंग बन जाएगी। इससे शहर में सभी गैरजरूरी वाहनों का प्रवेश रुक जाएगा। उत्तरी बाईपास के निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
केंद्रीय मंत्री ने करीब 450 करोड़ रुपये की लागत लगभग 32.80 किलोमीटर लंबे दक्षिणी बाईपास का लोकार्पण किया है। इस मार्ग के बनने से नेशनल हाईवे नंबर दो पर रैपुरा जाट से रोहता पुलिया तक का सफर आसान हो जाएगा। इससे आगरा से जयपुर, दिल्ली, ग्वालियर, झांसी, इंदौर एवं मुंबई की ओर जाने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करना होगा।
आगरा-जयपुर राजमार्ग पर महुअर पुलिया और से लेकर आगरा की सिंगल लेन सड़क को भी दो लेन करने को मंजूरी मिल गई है। करीब 17 किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण 43.37 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके चौड़ीकरण से आगरा से महुअर पुल का सफर आसान हो जाएगा। पथौली पुलिया पर लगने वाले जाम से मुक्ति दिलाने के लिए फ्लाईओवर का शिलान्यास किया गया है। इस पर करीब 6.80 करोड़ रुपये व्यय होंगे। सबसे अहम फैसला उत्तरी बाईपास का लिया गया है। नेशनल हाईवे नंबर दो से अलीगढ़ हाईवे को जोड़ने वाले इस मार्ग के निर्माण को मंजूरी मिल गई है।
उत्तरी बाईपास के बनने से अलीगढ़ जाने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करना होगा। इनर रिंग रोड के तीसरे चरण को नेशनल हाईवे बनाया जाएगा। इस तरह शहर के बाहर एक रिंग बन जाएगी। अब शहर में केवल वे ही वाहन प्रवेश करेंगे। जिन्हें शहर में आना है। अन्यथा सभी वाहन दिल्ली, लखनऊ, ग्वालियर, जयपुर की ओर बाहर से निकल जाएंगे।
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