पुलिस ने घेराबंदी करके सात अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें अजमेर निवासी गैंग लीडर राजू, रामफूल, विनोद, प्रभुदयाल, जयनारायण बागरिया, शंकर बागरिया और अशोक नायक शामिल हैं। आरोपियों ने चोरी की वारदात को रेकी के बाद अंजाम दिया था। वह वारदात से एक सप्ताह पहले ही आगरा आए थे। जयपुर हाउस के पास डेरा जमाया था।
पॉश कालोनी के बाहर डालते हैं डेरा
एसएसपी ने बताया कि राजू गैंग का लीडर है। उसने दो गैंग बना रखे हैं। एक में उसकी पत्नी सुशीला, रामफूल, विनोद, प्रभु, जय नारायण, जबकि दूसरे में महेंद्र, बबलू पुत्र गामी, बबलू पुत्र जयनारायण, अशोक, शंकर हैं। वह राजस्थान से आते हैं। पाश कालोनी के आसपास अपना ठिकाना बनाते हैं। दिन में महिलाएं और बच्चे कालोनी में घूमते हैं।
ऐसी कॉलोनी को चुनते हैं, जहां कैमरे नहीं होते हैं। घरों के बाहर जाकर खाना और पानी मांगते हैं। यह देखते हैं कि किस घर का ताला लगा है। किस घर में कितने लोग रह रहे है। जिन घरों से खाना और पानी मिल जाता है, उसमें चोरी नहीं करते हैं। राजू की पत्नी सुशीला, बबलू, महेंद्र और एक अन्य बबलू भाग गए।
सराफ सोना गलाकर देते थे रकम
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह सोने और चांदी के जेवरात सराफ टोंक निवासी विक्रांत सोनी और अजमेर निवासी नरेंद्र अग्रवाल को बेचते हैं। वह सोने को गलाकर रकम देते हैं। पुलिस ने दोनों सराफ को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने बताया कि राजू सोने के बदले रुपये ले जाता था।
इनकी हुई गिरफ्तारी
- राजू निवासी गांव गिरायडा, अजमेर, राजस्थान।
- रामफूल निवासी गांव मामधवसागर, अजमेर।
- विनोद निवासी टाटोटी, अजमेर।
- प्रभु दयाल बागरिया निवासी गांव मोटालाऊ, अजमेर।
- जय नारायण बागरिया निवासी गांव पारा, अजमेर।
- शंकर बागरिया निवासी गांव मोटालाऊ, अजमेर।
- अशोक नायक निवासी गांव टाटोटी, अजमेर।
- विक्रांत सोनी उर्फसोनू निवाीस गांव देवली, टोंक , राजस्थान।
- नरेंद्र अग्रवाल निवासी गांव सावर, अजमेर।
यह हुई बरामदगी
379 ग्राम पीली धातु के टुकड़े, एक सब्बल, दो अंगूठी, एक झाला, एक हार, एक लॉकेट, एक पेंडल, एक तमंचा, एक कारतूस और 7170 रुपये बरामद किए।
आरोपी बोले, घर से सिर्फ 22 हजार मिले
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें घर से 22 हजार रुपये और सोने के जेवरात मिले थे, जबकि व्यापारी ने बताया था कि जेवरात के अलावा 22 लाख रुपये कैश भी चोरी हुआ था। एसएसपी का कहना है कि चोरों ने रुपये 22 हजार ही चोरी करने के बारे में बताया था। इसके बारे में पड़ताल की जा रही है।
अभी फरार साथियों की तलाश की जा रही है। उधर, कारोबारी का कहना है कि पुलिस पूरा माल नहीं बरामद कर सकी है। कैश भी नहीं मिला है। उनके घर से 22 लाख की चोरी हुई थी। कैश बिल्कुल बरामद नहीं किया जा सका है।