प्रसूता के हंसते हुए चेहरे को देखकर मिट जाती है पूरी थकान
लेडी लॉयल की स्टाफ नर्स मंजुला मोरे ने बताया कि 8 साल से अधिक समय से लेडी लायल में हैं। कोरोना महामारी की पहली लहर में निजी अस्पताल बंद थे, तब आगरा के अलावा आसपास के जिलों से भी गर्भवती महिलाएं यहां आती थीं। कई अति गंभीर मामले होते थे जिनकी कोरोना की जांच भी नहीं हो पाती थी, अपनी जिम्मेदारी समझते हुए उनको तत्काल प्रसव कक्ष ले जाकर डिलीवरी कराई जाती थी। जब प्रसूता अपनी नन्हीं जान को देखकर मुस्कुराती तो सारी थकान मिट जाती।
भरोसे का डोज लगाकर बचा रही लोगों की जान
एसएन मेडिकल कॉलेज की स्टाफ नूतन सिंह 16 जनवरी 2021 से कोरोना वायरस के टीकाकरण अभियान से जुड़ी हुई है। उनका कहना है टीकाकरण का आगाज हुआ तब से लोगों को टीका लगा रहीं हैं। टीके लगवाने के बाद लोगों का मनोबल देखकर सुकून मिलता है।
एसएन में 150 नर्स की और जरूरत
एसएन मेडिकल कॉलेज में करीब 75 नर्स सेवाएं दे रही हैं। 150 और नर्स की जरूरत है। स्टाफ नर्स की कमी की वजह से मरीजों का इलाज भी प्रभावित हो रहा है। लेडी लायल और जिला अस्पताल में नर्स की पर्याप्त व्यवस्था है।