मैनपुरी। जिले में अस्थमा और निमोनिया से मरने वाले के मरीजों का आंकड़ा प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। रविवार को जिला अस्पताल पहुंचे अस्थमा, निमोनिया और पेट दर्द से पीड़ित तीन मरीजों की मौत हो गई। पांच को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज सैफई रेफर किया गया है।
नगला रते निवासी लकी की पांच माह की पुत्री रानी को पिछले कुछ दिनों से निमोनिया की दिक्कत थी। परिजन उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। रविवार को हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भोगाव के गांव नगला लहू निवासी राम सिंह (85) पिछले कुछ दिनों से अस्थमा से पीड़ित थे। परिजन उनका एक निजी डॉक्टर के पार इलाज करवा रहे थे। शनिवार रात उपचार के दौरान हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।
यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शहर के मोहल्ला आवास विकास निवासी अशोक कुमार की पत्नी सुनीति (45) पिछले कुछ दिनों से पेटदर्द की दिक्कत थी। जांच में पेट में गांठ पाई गई थी। परिजन उनका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। रविवार को हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सर्जन डॉ. गौरव पारिक ने बताया कि तीनों मरीजों को मृत अवस्था में अस्पताल में लाया गया था।