आगरा के कारोबारी प्रताप सिंह चाहर के साथ हुई 1.5 करोड़ की ठगी में रेंज साइबर सेल ने यह पता लगा लिया है कि रकम जिन खातों में जमा कराई गई, वे सब्जी विक्रेता और मजदूरों के हैं। यह ठगी इंडो-नाइजीरियन गिरोह ने की थी। गिरोह ने खाते किराए पर ले रखे थे। पुलिस की टीमों ने मुरादाबाद, बिजनौर, दिल्ली, गुरुग्राम में गिरोह की तलाश में दबिश दी है।
प्रताप सिंह चाहर को उनकी बंद पड़ी बीमा पॉलिसी पर पांच करोड़ दिलाने का झांसा दिया था। उनसे कहा गया था कि वे 25 लाख रुपया जमा करा दें, पॉलिसी की पूरी रकम मिल जाएगी। इसके बाद अलग-अलग खातों में लगभग 1.5 करोड़ जमा करा लिए। 1.5 करोड़ मिलने पर फोन बंद कर लिया।
फर्जी वेबसाइट बनाकर करते हैं ठगी
यह गिरोग बीमा कंपनियों, मैरिज डॉट काम से मिलती जुलती फर्जी वेबसाइट बनाता है। लोग जब बीमा कंपनी और शादी की साइट सर्च इंजन पर तलाशते हैं तो ये फर्जी साइटें भी खुल जाती हैं। व्यवसायी प्रताप सिंह चाहर भी ऐसी ही फर्जी साइट के जाल में फंसे।