आगरा: पांच साल जेल में रहे निर्दोष नरेंद्र और नजमा
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बगैर कोई गुनाह किए पांच साल तक जेल में रहे आगरा के नरेंद्र और उनकी पत्नी नजमा को अब उनके बच्चे नहीं मिल रहे हैं। दंपती को जेल भेजने के बाद पुलिस ने बच्चों को अनाथालय भेजे जाने की बात कही थी लेकिन अब बच्चे कहां है, अफसर भी जानकारी नहीं दे पा रहे।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को भेजे गए नोटिस पर चार सप्ताह में विस्तृत जवाब मांगा गया है।
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आयोग ने इस मामले को मानवाधिकारों का गंभीर हनन माना है। आगरा जिले के बाह के जरार निवासी दंपती को पांच वर्षीय बालक रंजीत उर्फ चुन्ना की हत्या में 2015 में जेल भेजा गया था। हत्या की रिपोर्ट में दंपती पर संदेह जताए जाने पर बगैर छानबीन किए जेल भेजे गए पति-पत्नी के उस समय पांच साल का बेटा अजीत और तीन साल की बेटी अंजू थी।