फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: रोहता-ककुआ जलभराव पर एनजीटी में अहम सुनवाई, नई ड्रेनेज योजना पर टिकी सबकी नजर

Mon, 27 Jul 2026 09:42 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

रोहता-ककुआ क्षेत्र में जलभराव की समस्या को लेकर आज एनजीटी में सुनवाई होगी। नाले का पानी नहर में डालने की योजना पर सवाल उठने के बाद प्रशासन ने नई तकनीकी योजना तैयार करने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है।
विज्ञापन
एनजीटी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा के रोहता, नगला मकरौल और ककुआ क्षेत्र में आगरा-ग्वालियर हाईवे के सर्विस रोड पर जलभराव की समस्या को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में 28 जुलाई को सुनवाई होगी। एनएचएआई की ओर से बनाई गई सड़क और सर्विस रोड पर जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से पानी भरने और सड़क खराब होने की समस्या सामने आ रही थी। इसी समस्या को लेकर रविंद्र सिंह ने एनजीटी में शिकायत की थी।
विज्ञापन


मामला एनजीटी में पहुंचने के बाद जलभराव की समस्या के समाधान के लिए करीब 108.63 करोड़ की ट्रंक ड्रेन परियोजना तैयार की गई थी। योजना के तहत नाले के पानी की निकासी कर उसे नहर में डालने का प्रावधान किया गया था। हालांकि, बाद में नाले का पानी नहर में डालने की व्यवस्था पर सवाल उठे। इसके बाद अब पुराने प्रस्ताव के बजाय नए सिरे से जलनिकासी की योजना तैयार करने की कवायद शुरू कर दी गई है।

जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में जलभराव के स्थायी समाधान के लिए तीन सदस्यीय तकनीकी समिति गठित की गई है। इसमें सिंचाई विभाग, यूपी कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज और आगरा विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता शामिल हैं। समिति क्षेत्र की कंटूर मैपिंग और हाइड्रोलॉजिकल सर्वे के आधार पर नई तकनीकी योजना तैयार करेगी। इसका उद्देश्य जलनिकासी के लिए ऐसा समाधान तलाशना है, जो व्यावहारिक और नियमों के अनुरूप हो।
विज्ञापन


सड़क की मरम्मत के लिए 4.99 करोड़ रुपये मंजूर
जलभराव से प्रभावित आगरा-ग्वालियर हाईवे के करीब पांच किलोमीटर हिस्से की मरम्मत के लिए एनएचएआई ने 4.99 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसमें से लगभग 2.50 करोड़ रुपये पीडब्ल्यूडी को जारी किए जा चुके हैं और सड़क की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है।

स्थायी समाधान तक टैंकरों से होगा निस्तारण
स्थायी जलनिकासी व्यवस्था होने तक अंतरिम समाधान के तौर पर एडीए और जिला पंचायत को टैंकरों के माध्यम से सीवेज और जमा पानी का निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि सड़क और सर्विस रोड पर पानी जमा न हो और लोगों को आवागमन में परेशानी से निजात मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें