नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने ग्वालियर रोड स्थित हॉट मिक्स प्लांट खुशी इन्फ्राटेक और जीजी इन्फ्राटेक के संचालक संदीप मित्तल पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। बुधवार को हुई सुनवाई में एनजीटी बेंच के न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए. सेंथिल वेल ने सुनवाई में शामिल न होने और जवाब दाखिल न करने पर संचालक पर यह जुर्माना लगाया है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सुनवाई में एनजीटी को बताया कि प्लांट संचालक पर 12,18,750 रुपये की पर्यावरण क्षतिपूर्ति लगाई गई है, जिसे वसूलने की प्रक्रिया जारी है।
ग्वालियर रोड स्थित बीरई में हाईवे से 20 मीटर दूरी पर गाटा संख्या 1068/2 पर खुशी इन्फ्राटेक और गाटा संख्या 960 पर जीजी इन्फ्राटेक हॉट मिक्स प्लांट बिना एनओसी और अनुमति के चलाए जा रहे थे। एनजीटी में अभय शर्मा की याचिका पर बेंच ने 16 जुलाई को प्लांट सील करने का आदेश दिया था। बुधवार को हुई सुनवाई में डीएम की ओर से हलफनामा दाखिल किया गया। सुनवाई में प्लांट संचालक संदीप मित्तल दो बार से गैर हाजिर थे, इस पर बेंच ने नाराजगी जताते हुए 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
195 दिन के लिए लगाई 12 लाख की पर्यावरण क्षतिपूर्ति
एनजीटी बेंच में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हलफनामा दाखिल कर कहा कि जीजी इन्फ्राटेक पर 14 अगस्त 2025 से 24 फरवरी 2026 तक की 195 दिन की अवधि के लिए 12,18,750 रुपये की पर्यावरण क्षतिपूर्ति लगाई गई है। बोर्ड ने बताया कि यह हॉट मिक्स प्लांट नारंगी श्रेणी में दर्ज है, जबकि टीटीजेड में केवल सफेद श्रेणी के उद्योग ही लगाए जा सकते हैं। इसके लिए कोई एनओसी नहीं ली गई। बिटुमिनस टैंक और मिक्सर टैंक के लिए पर्याप्त ऊंचाई पर चिमनी नहीं थी। यहां 125 केवीए का डीजल जनरेटर सेट पाया गया। धूल नियंत्रण के उपाय और ऊंची चहारदीवारी भी नहीं थी।
6 को पुलिस ने तामील कराया नोटिस
एनजीटी में एसीपी जसवीर सिंह सिरोही ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि संचालक संदीप मित्तल को 6 अगस्त को नोटिस तामील कराया। सैंया पुलिस के निरीक्षण में प्लांट पूरी तरह से बंद मिला। एक से डेढ़ साल से यह प्लांट बंद है।