फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Firozabad: गीजर से बाथरूम में बनी गैस, नवविवाहिता की मौत, छह महीने पहले ही हुई थी शादी

Wed, 30 Nov 2022 03:03 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

फिरोजाबाद में गैस गीजर के कारण एक नवविवाहिता की जान चली गई। बाथरूम में गीजर से गैस बनने के कारण उसका दम घुट गया, जिससे उसकी मौत हो गई। 
विज्ञापन
बाथरूम में लगा गैस गीजर (सांकेतिक तस्वीर)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फिरोजाबाद के मक्खनपुर में गैस गीजर से बाथरूम में गैस बन जाने से गांव नगला तुर्किया निवासी नवविवाहिता की मौत हो गई। परिजनों ने बाथरूम का दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला। महिला की मौत की खबर पर मायका पक्ष के लोग भी पहुंच गए। महिला की शादी छह महीने पहले ही हुई थी। 

विज्ञापन


नगला तुर्किया निवासी निवासी वर्षा मंगलवार सुबह करीब नौ बजे बाथरूम में नहाने के लिए गईं थीं। काफी देर तक वह बाथरूम से बाहर नहीं आईं तो परिजन को चिंता हो गई। वर्षा को आवाज भी लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। आसपास के लोग भी एकत्रित हो गए। परिजन ने दरवाजा तोड़ दिया। 

बाथरूम में बेसुध पड़ी थी वर्षा 

बाथरूम के अंदर वर्षा बेहोशी की हालत में जमीन पर पड़ी थी। परिजन उनको निजी चिकित्सक के यहां ले गए। यहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार के लोगों ने महिला की मौत की खबर मायका पक्ष को दी। वर्षा का मायका एका थाना क्षेत्र के गांव सुजातपुर में है। 

विज्ञापन

वर्षा का विवाह 11 मई 2022 को मक्खनपुर थाना क्षेत्र के गांव नगला तुर्किया निवासी जितेंद्र उर्फ जीतू के साथ हुआ था। जीतू पशुओं को खरीदने-बेचने का काम करता है। वह पशु्ओं को लेने सोमवार को कानपुर गया था। पत्नी की मौत की खबर पाकर जितेंद्र भी गांव पहुंच गया। देर शाम तक वर्षा के मायका और ससुराल पक्ष के बीच बातचीत हो रही थी। 

इस कारण होता है खतरा

वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि गीजर में जब एलपीजी जलती है तो उसे ऑक्सीजन की जरूरत होती है। बाथरूम में गैस गीजर चालू रखने से ऑक्सीजन खत्म हो जाती है। ईंधन को जलने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन न मिलने से कार्बन-मोनो-आक्साइड व नाइट्रो आक्साइड गैस उत्पन्न होती है। यह गैस सांस के साथ शरीर में प्रवेश करती है। शरीर को ऑक्सीजन न मिलने व जहरीली गैस मिलने के कारण मौत हो जाती है। यह प्रक्रिया उसी तरह होती है, जैसे बंद कमरे में अंगीठी जलाने से होती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें