बोदला मार्ग पर 10 हजार वर्ग गज जमीन के मामला में नया मोड़ आ गया है। बैनारा फैक्टरी के पास जमीन का मालिक टहल सिंह कोर्ट पहुंचा। कहा कि मैं जिंदा हूं, मालिकाना हक मेरा है। मृत घोषित मालिक ने एसआईटी और कोर्ट के समक्ष बयान दर्ज कराए।
साहब, मैं (टहल सिंह) जिंदा हूं। आगरा के बोदला मार्ग पर बैनारा फैक्टरी के पास जमीन मेरी है। उमा देवी को नहीं जानता। जसवीर मेरा बेटा नहीं, बल्कि साला था। मुझे मृत दर्शाकर लाभ अर्जित किया गया। जमीन कांड में चर्चाओं में आए कागजों में मृत घोषित टहल सिंह बुधवार को खुद के जिंदा होने की गवाही देने सदर तहसील पहुंचे।
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उन्होंने तहसीलदार के समक्ष मौखिक बयान में यह बात कही। इसकी जानकारी पर थाना जगदीशपुरा पुलिस भी पहुंच गई। एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने टहल सिंह के धारा 161 के तहत बयान दर्ज करने के बाद कोर्ट में मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 के बयान भी कराए।
टहल सिंह अपने दो बेटों जगदेव सिंह और हरजीत सिंह के साथ बुधवार को तहसील सदर आए। उनके साथ मैनपुरी के मनोज यादव और उनका बेटा प्रियांशु यादव भी थे। उन्होंने तहसीलदार के समक्ष बयान दर्ज कराते हुए बोदला मार्ग पर जमीन को अपना बताया। इसके बाद थाना जगदीशपुरा के प्रभारी निरीक्षक आनंद वीर सिंह के साथ थाने पर पहुंचे। वहां एसीपी मयंक तिवारी ने बयान दर्ज किए।
दीनानाथ कुशवाहा था केयरटेकर
टहल सिंह ने एसआईटी के समक्ष कहा कि वह 72 साल के हैं। वर्ष 1970 में लोहामंडी के नौबस्ता में रहते थे। तब बोदला मार्ग पर बैनारा फैक्टरी के पास दो लोगों से 4 बीघा जमीन खरीदी थी। वर्ष 1972 में नेमीचंद जैन के परिवार के साथ ढलाई कारखाना खोला था। इसमें जमीन उनकी थी।
कारखाने में रकम नेमीचंद जैन पक्ष ने लगाई थी। मगर, 2 साल बाद ही कारखाना बंद हो गया। नेमीचंद जैन ने जमीन खरीदने के बारे में एग्रीमेंट किया। मगर, 1 साल बाद एग्रीमेंट समाप्त हो गया। वह 1978 में आगरा छोड़कर लुधियाना चले गए। जमीन पर केयरटेकर के रूप में दीनानाथ कुशवाहा को रख गए थे।
दिल्ली में हैं जसवीर की पत्नी और बेटा
टहल सिंह ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली कि उनकी जमीन पर उमा देवी नाम की महिला ने अपना मालिकाना हक जताया है। केयरटेकर के रूप में रवि कुशवाह और उसका भाई संकरिया दावा कर रहे हैं। इस पर वो आगरा आए हैं। उमा देवी कौन है? वह नहीं जानते। रवि और संकरिया जमीन पर कब रहने लगे और कौन हैं? उन्हें इसकी भी जानकारी नहीं है।
जसवीर उनका साला है, जबकि उमा देवी उसे उनका बेटा बता रही थी। वर्ष 2009 में जसवीर की मौत हो गई थी। उसकी पत्नी गुरप्रीत और बेटा-बेटी हैं, जो दिल्ली में रहते हैं। वर्ष 2016 में मैनपुरी के मनोज यादव के बेटे प्रियांशु यादव की फर्म के नाम से जमीन खरीदने की बात हुई थी। इसके लिए कुछ रकम मिल गई थी। बाकी रकम मिलनी थी। इसलिए डील पूरी नहीं हो सकी थी। पुलिस ने टहल सिंह के कोर्ट में भी बयान दर्ज कराए हैं।
एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि टहल सिंह ने बयान दर्ज कराए हैं। उमा देवी से किसी तरह का संबंध नहीं होने की बात कही है। बृहस्पतिवार को कोर्ट में दिए बयान का अवलोकन किया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।