आगरा की नई टाउनशिप में लॉटरी से प्लॉट का आवंटन होगा। इसके लिए 54 फीसद आरक्षण व्यवस्था लागू की गई है। इसके साथ ही सांसद-विधायक भी आधी जमानत राशि पर भूखंड खरीद सकेंगे।
आगरा के ककुआ और भांडई में प्रस्तावित नई टाउनशिप अटलपुरम में सांसद-विधायकों के लिए 2 प्रतिशत भूखंड आरक्षित रहेंगे। भूखंड खरीद के लिए आवेदन में आधी जमानत राशि जमा करनी होगी। भूखंड मूल्य का 10 प्रतिशत जमानत राशि का प्रावधान है जबकि सांसद-विधायकों को सिर्फ 5 प्रतिशत जमानत राशि देय होगी।
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लॉन्चिंग की है तैयारी
उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी रेरा) से पंजीकरण प्रमाण पत्र मिलने के बाद आगरा विकास प्राधिकरण नई टाउनशिप को लॉन्च करने की तैयारियों में जुटा है। पहले चरण में तीन सेक्टर हैं। इनमें दुर्बल, मध्यम व उच्च आय वर्ग के लिए 637 भूखंड हैं। सांसद-विधायकों के लिए 2 प्रतिशत भूखंड आरक्षित हैं। पहले चरण के लिए ब्रोशर छप रहे हैं। एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने बताया कि लाॅन्चिंग के लिए शासन से तिथि निर्धारित होगी।
लॉटरी से मिलेंगे भूखंड
15 अगस्त तक लॉन्चिंग संभव है। उन्होंने बताया कि आरक्षित वर्ग में शामिल सांसद-विधायकों को आवेदन के समय भूखंड मूल्य की पांच प्रतिशत धनराशि जमानत के तौर पर ऑनलाइन जमा करानी होगी। अनारक्षित वर्ग को भूखंड मूल्य की 10 प्रतिशत धनराशि जमानत के तौर पर जमा होगी। भूखंडों का आवंटन लॉटरी से होगा। लॉटरी में असफल होने पर जमानत राशि आवेदक को वापस की जाएगी। लॉटरी में भूखंड मिलने के बाद जमानत राशि वापस नहीं होगी।
एक हजार करोड़ से होगी विकसित
नई टाउनशिप के लिए एडीए ने करीब 500 करोड़ रुपये से 138 हेक्टेयर जमीन खरीदी है। इसे तीन चरणों में विकसित किया जाएगा। 10 साल का समय और एक हजार करोड़ रुपये से अधिक अटलपुरम को विकसित करने पर खर्च होगा। सीवर, सड़क, बिजली, पेयजल व अन्य सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इस टाउनशिप में आवासीय के अलावा व्यावसायिक व वाणिज्यिक भूखंड विकसित होंगे।
यह होगी आरक्षण व्यवस्था
- अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत
- अनुसूचित जाति वर्ग (एससी) के लिए 21 प्रतिशत
- अनुसूचित जन जाति वर्ग (एसटी) के लिए 2 प्रतिशत
- भूतपूर्व सैनिक व उनके आश्रितों के लिए 2 प्रतिशत
- एडीए व नगर निकाय कर्मियों के लिए 2 प्रतिशत
- सभी वर्ग में दिव्यांग और 60 वर्ष अधिक उम्र के आवेदक को क्षैतिज आरक्षण मिलेगा।
ये होगा प्लॉट का क्षेत्रफल
- ईडब्ल्यूएस: 30 से 40 वर्ग मीटर
- एलआईजी-प्रथम: 41 से 60 वर्ग मीटर
- एलआईजी- द्वितीय: 61 से 72 वर्ग मीटर
- एमआईजी-प्रथम: 75 से 90 वर्ग मीटर
- एमआईजी-द्वितीय: 90 से 140 वर्ग मीटर
- एचआईजी: 141 से 180 वर्ग मीटर तक