देश के सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) द्वारा उठाए गए कदम से जिले के करीब 80 हजार बचत खाताधारक प्रभावित होंगे। इनका न्यूनतम बैलेंस रखने का झंझट खत्म होगा और ऋण पर ब्याज दरों में आधे फीसद की कटौती राहत देगी। दूसरी तरफ जमा पर मिलने वाले ब्याज कम होने से नुकसान भी उठाना पड़ेगा।
एसबीआई की जिले में 51 शाखाएं हैं। प्रत्येक शाखा में औसतन 20 हजार खाताधारक हैं। कुल लगभग 1.20 लाख खाते हैं। इनमें करीब 80 हजार बचत खाताधारक हैं। कई खाताधारकों के लिए न्यूनतम बैलेंस मेंटेन करना मुश्किल होता था।
तय बैलेंस से कम होने पर पेनल्टी लगाई जाती थी। अब यह परेशानी खत्म होगी। इसके अलावा ऋण के ब्याज में आधा फीसदी की कटौती कुछ इस तरह होगी जैसे मासिक 30 हजार रुपये की किश्त पर करीब 150 रुपये तक का फायदा होगा।