फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

समाजसेवा के नाम पर नहीं छीन सकेंगे रोशनी

Tue, 10 Feb 2015 02:06 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
आपरेशन के नाम पर अब लापरवाही नहीं चलेगी। मथुरा में अखफोड़वा कांड के बाद केंद्र सरकार ने नई गाइड लाइन जारी की है। मथुरा स्थित बांके बिहारी नेत्र चिकित्सालय में बीते नवंबर मोतियाबिंद आपरेशन कैंप में डाक्टरों की गलती के कारण 12 मरीजों के आंखों की रोशनी चली गई थी। ‘अमर उजाला’ ने तीन जनवरी को संस्था की करतूत का पर्दाफाश किया। अब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के उप महानिदेशक डा. एनके अग्रवाल ने राज्यों के राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम (एनपीसीबी) के अधिकारियों के लिए नई गाइड लाइन जारी की। सीएमओ डा. एचएस दानू ने बताया कि मंत्रालय से जारी गाइड लाइन के तहत ही संस्थाओं को अनुमति दी जाएगी।
विज्ञापन


यह हैं निर्देश
- कैंप की संस्तुति सीएमओ, जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनआरएचएम करेंगे।
- ओटी की गुणवत्ता, चिकित्सकाें को परखने बाद डीएम द्वारा अनुमति दी जाएगी।
- ओटी में दो नेत्र सर्जन, दो स्टाफ नर्स, एक टेक्नीशियन अनिवार्य।
- एक सर्जन को एक दिन में अधिकतम 20 से 30 ऑपरेशन की ही अनुमति।
- शिविर के मरीजों की फोटो आईडी, पता सहित पूर्ण विवरण जरूरी।

मनमाफिक बयान नहीं लिखे तो लौटी टीम
- मथुरा का स्वास्थ्य विभाग अपने सस्पेंड आरोपी कर्मचारी को बचाने की पुरजोर कोशिश में लगा है। शासन के निर्देश पर मोतियाबिंद कैंप की जांच चल रही है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के चार सदस्यीय टीम गढ़ी बांईपुर निवासी फौरन सिंह और सोमवती देवी के बयान लेने पहुंची। पीड़ितों के परिजन सुरेश यादव ने बताया कि आरोपी पीडी गौतम का बयान में नाम लिखने पर टीम आनाकानी करने लगी। पीड़ितों ने बिना सही बयान के हस्ताक्षर करने से मना किया तो टीम की मंशा भांप  टीम दोबारा आने की बात कह लौट गई।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें