ग्रेटर आगरा, ग्वालियर और अलीगढ़ एक्सप्रेस-वे सहित आधा दर्जन परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण होगा। जमीनों के भाव आसमान छू रहे हैं। वहीं सर्किल रेट का निर्धारण नहीं हो रहा है, जिससे किसान जमीन की वाजिब कीमत नहीं मिलने से खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
जमीन के भाव आसमान छू रहे हैं। अरबों रुपये का निवेश फंसा हुआ है। लेकिन, नई परियोजनाओं के कारण सर्किल रेट का निर्धारण नहीं हो रहा है। एक साल से प्रस्ताव फाइलों में बंद है। उधर, भूमि अधिग्रहण से प्रभावित सैकड़ों किसान जमीन की वाजिब कीमत नहीं मिलने से खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
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खंदौली से अलीगढ़ तक एक्सप्रेस-वे प्रस्तावित है। ग्वालियर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के लिए भी 30 अधिक गांव में भूमि अधिग्रहण होना है। इनर रिंग रोड पर रहनकलां और बुढ़ाना में ग्रेटर आगरा के लिए 15 साल पहले हुए भूमि अधिग्रहण का मुआवजा नहीं बंट सका है। इनके अलावा डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, ककुआ और भांडई टाउनशिप, धनौली में सिविल एन्क्लेव योजना से प्रभावित कुछ किसान मुआवजे के इंतजार में भटक रहे हैं। सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मिलता है।
जिले में 2017 में आखिरी बार सर्किल रेट का निर्धारण हुआ था। उसके बाद से पांच बार बैठक, सर्वे और खानापूर्ति हो चुकी है। किसान राजवीर का कहना है कि सर्किल रेट बढ़ाने की मांग अधिग्रहण से प्रभावित किसान लगातार कर रहे हैं। सरकार हमारी जमीन कौड़ियों के भाव खरीदना चाहती है। इसलिए सर्किल रेट नहीं बढ़ाए जा रहे हैं।
मथुरा व अन्य जिलों में हो चुका निर्धारण
मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने अगस्त 2024 में आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी में सर्किल रेट निर्धारण के निर्देश दिए थे। आगरा में आठ साल पुराने सर्किल रेट पर नई योजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का मुआवजा दिया जाएगा। 50 किमी. दूर मथुरा में नए सर्किल रेट 2021 और 2023 में दो बार निर्धारित हो चुके हैं। अन्य जिलों ने भी नए सर्किल रेट लागू कर दिए हैं।
एमजी रोड पर 5 लाख रुपये वर्ग गज जमीन
शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले एमजी रोड पर वर्तमान में सर्किल रेट 1 से 1.25 लाख रुपये प्रति वर्ग गज तक है। जबकि यहां बाजार भाव 5 लाख रुपये वर्ग गज तक पहुंच गया है। भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा तक 5 किमी एमजी रोड पर बिक्री के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है। उधर, फतेहाबाद रोड पर रमाडा कट से फतेहाबाद मेट्रो स्टेशन तक जमीन बाजार में 2 से 3 लाख रुपये तक बिक रही है।
50 से अधिक नए क्षेत्र विकसित
इनर रिंग रोड, दक्षिणी बाईपास, ग्वालियर रोड और अलीगढ़ रोड पर 50 से अधिक नए क्षेत्र पिछले आठ साल में विकसित हो चुके हैं। जहां सर्किल रेट का कभी निर्धारण नहीं हुआ, वहां पहली बार सर्किल रेट तय होगा। लखनऊ एक्सप्रेस-वे के अलावा वायु विहार, शास्त्रीपुरम, फतेहपुर सीकरी और बिचपुरी रोड पर नई कॉलोनियां व सड़कें विकसित हो चुकी हैं। उधर, सर्किल रेट नहीं बढ़ने से स्टांप से शासन को अधिक राजस्व नहीं मिल पा रहा। 2025-26 में करीब 1400 करोड़ रुपये स्टांप से आय का लक्ष्य है।
प्रस्तावित है भूमि अधिग्रहण
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि जिले में विभिन्न परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित है। नए सर्किल रेट के लिए सर्वे कराया है। शासन के निर्देश अनुसार नए रेट निर्धारित किए जाएंगे।