स्मार्ट शहरों की तरह विकसित करने की योजना
नोडल एजेंसी के रूप में यूपीसीडा ने स्मार्ट शहरों में अपनाई गई विश्वस्तरीय सुविधाओं के लिहाज से इन्हें विकसित करने की योजना बनाई है। इन आईएमसी की स्थापना से प्रयागराज और आगरा में औद्योगिक गतिविधियों के साथ ही आवासीय और कॉमर्शियल गतिविधियां बढ़ेंगी।
अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारे (एकेआईसी) की कुल लंबाई 1839 किलोमीटर है। कुल सात राज्यों से गुजरने वाले इस गलियारे का लगभग 57 प्रतिशत भाग उत्तर प्रदेश में आता है।
हैंडीक्राफ्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अस्थाना ने कहा कि इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में हैंडीक्राफ्ट, लेदर, गारमेंट के साथ हर कैटेगरी के उद्योगों के लिए जमीन आरक्षित की जाए। इन्हें ब्लाक बार जगह दी जाए। इससे बड़ा क्षेत्र वहां शिफ्ट हो सकेगा।
नेशनल चैंबर के पूर्व अध्यक्ष नरिंदर सिंह ने कहा कि प्रस्तावित मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर इस ढंग से बनाया जाए कि उद्योगों की सभी जरूरतें उसी इलाके में पूरी हो सकें। कच्चे माल से लेकर पैकिंग की सुविधा और गोदाम तक बनाए जाएं। आगरा को इस क्लस्टर से काफी फायदा होगा।
फेम के उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सोबती ने कहा कि यमुना एक्सप्रेसवे से लेकर आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे और इनर रिंग रोड के एक ओर औद्योगिक इकाइयां तो दूसरी ओर आवासीय कॉलोनी के लिए जगह तय की जाए। ताकि कर्मचारी पास में ही निवास कर सकें।