नए बिजली कनेक्शन के आवेदन अब सीधे खारिज नहीं होंगे। आवेदन स्वीकार करने के बाद मीमो के माध्यम से उपभोक्ताओं को कमियां बताई जाएंगी ताकि वे निर्धारित समय-सीमा में उन्हें सुधार कर सकें। यह निर्णय बृहस्पतिवार को डीवीवीएनएल, टोरेंट पॉवर और फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल की बैठक में हुआ है।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता कपिल सिंदवानी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को ऊर्जा भवन स्थित सभागार में त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की गई। फेम अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सोबती ने उपभोक्ताओं के आवेदन छोटी-छोटी कमियां निकालकर लौटाए जाने की शिकायत उठाई, जिस पर मुख्य अभियंता ने यह निर्णय लिया। इसके अलावा, फायर एनओसी के मुद्दे पर तय हुआ कि नई गाइडलाइन लागू होने से पहले के आवेदनों पर कनेक्शन निर्गत किए जाएं।
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बैठक में टोरेंट को जनहित की अन्य समस्याओं के समयबद्ध समाधान के भी निर्देश दिए गए। बैठक में टोरेंट के महाप्रबंधक अब्दुल सलाम, एजीएम विमर्श पंडित, पीआरओ भूपेंद्र सिंह ढिल्लन, डीवीवीएनएल के एसई सोमवीर सिंह, एक्सईएन राजेश कुमार, फेम के जिलाध्यक्ष राजेश खुराना, महामंत्री ब्रजेश पंडित, मुकेश अग्रवाल आदि मौजूद रहे।