आगरा में नए शिक्षा भवन के निर्माण के लिए 16.09 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं और 3 करोड़ की पहली किश्त जारी हो चुकी है। निर्माण पूरा होने के बाद सभी शिक्षा विभाग के कार्यालय एक ही परिसर में संचालित होंगे, जिससे कार्य में सुविधा मिलेगी।
आगरा के नए शिक्षा भवन के निर्माण के लिए शासन से 16.09 करोड़ का बजट स्वीकृत कर दिया है। इसकी पहली किश्त 3 करोड़ रुपये जारी कर दी गई है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी यूपी प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन को सौंपी है और अगले महीने से टेंडर होते ही काम शुरू किया जाएगा। नए शिक्षा भवन के तैयार होने से एक ही कैंपस में शिक्षा विभाग के अधिकारी बैठेंगे। पिछले वर्ष से संयुक्त शिक्षा निदेशक डाॅ. मुकेश अग्रवाल ने लगातार शासन को पत्राचार कर इस भवन निर्माण के लिए पहल की।
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संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश अग्रवाल ने बताया कि यह परियोजना उनकी निरंतर पैरवी का परिणाम है। इसके बाद मंडल स्तर के सभी प्रमुख शिक्षा कार्यालय एक ही परिसर में संचालित हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि शासन से भवन निर्माण के लिए 16 करोड़ 9 लाख 19 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
नए संकुल में संयुक्त शिक्षा निदेशक, मंडलीय उपशिक्षा निदेशक, डीआईओएस प्रथम व द्वितीय, जनपदीय लेखाधिकारी, मंडलीय लेखाधिकारी और मंडलीय संस्कृत कार्यालय के लिए अलग-अलग कक्ष बनाए जाएंगे। प्रत्येक अधिकारी कक्ष के साथ आगंतुकों के लिए वेटिंग रूम की व्यवस्था भी होगी।
उन्होंने बताया कि कार्यदायी संस्था के साथ विधिक अनुबंध में गुणवत्ता, समय-सीमा, थर्ड पार्टी मूल्यांकन, पेनाल्टी क्लॉज और डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड शामिल होंगे। लेबर सेस का भुगतान नियमानुसार श्रम विभाग को किया जाएगा और किसी भी वित्तीय अनियमितता पर जिला विद्यालय निरीक्षक उत्तरदायी होंगे। परियोजना में बचत राशि राजकोष में जमा करनी होगी। पंचकुइयां स्थित जर्जर शिक्षा भवन को ध्वस्त कर नया निर्माण होगा, जिसे पीडब्ल्यूडी पहले ही अनुपयोगी घोषित कर चुका है। मृदा परीक्षण पूरा हो चुका है।
वर्तमान में संयुक्त शिक्षा निदेशक व डीआईओएस कार्यालय जीआईसी कैंपस के कंप्यूटर कक्ष में, डीआईओएस द्वितीय बालिका का कार्यालय डायट परिसर में संचालित हो रहा है, जबकि डीडीआर कार्यालय अभी जर्जर भवन में ही चल रहा है। निर्माण कार्य की निगरानी के लिए जिलाधिकारी स्तर पर तकनीकी टास्क फोर्स गठित कर मासिक प्रगति, तकनीकी रिपोर्ट और फोटोग्राफ्स प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।