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आगरा विविः दीक्षांत समारोह के लिए नया ड्रेस कोड लागू, एनएसयूआई करेगी विरोध

Sat, 23 Sep 2017 07:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
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ड्रेस कोड - फोटो : अमर उजाला
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डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के 83 वें दीक्षांत समारोह के लिए ड्रेस कोड निर्धारित कर दिया गया है। पुरुष धोती और कुर्ता, महिलाएं साड़ी पहनेंगी। ड्रेस कोड पदक और डिग्री धारकों के अलावा शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्या एवं कार्य परिषद के सदस्यों पर लागू होगा। विश्वविद्यालय के कार्य परिषद ने ड्रेस कोड पर मुहर लगा दी है। 
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दीक्षांत समारोह की तिथि चार नवंबर निर्धारित है। पहली बाद पदक और डिग्री धारकों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारी एक परिधान में नजर आएंगे। सब मिलकर एक दिशा में आगे बढ़ें, यह संदेश देने की कोशिश की जाएगी। दीक्षांत समारोह के ड्रेस के निर्धारण के संबंध में शुक्रवार को विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित जेपी सभागार में कुलपति डा. अरविंद कुमार दीक्षित की अध्यक्षता में विद्या परिषद की बैठक हुई। इसमें धोती-कुर्ता और साड़ी का प्रस्ताव रखा गया। इस पर सभी सदस्यों ने सहमति प्रदान कर दी। 

 कुछ सदस्यों ने धोती पहनने की तरीके पर सवाल खड़ा किया। इस पर तय किया गया कि कुर्ता घुटने के नीचे तक का होगा। धोती लोग दक्षिण भारत या फिर उत्तर भारत के लोगों की तरह पहन सकते हैं। विद्या परिषद के बाद अतिथि गृह में कार्य परिषद की बैठक हुई। विद्या परिषद में पास प्रस्ताव को कार्य परिषद में भी मंजूरी दे दी गई।  
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यह होगा ड्रेस कोड

कुर्ता और धोती सफेद रंग का होगा। साड़ी भी सफेद रंग की होगी। उसका बॉर्डर लाल होगा। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर महिला और पुरुष के ड्रेस कोड डाल दिए गए हैं।  

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डा. गिरजाशंकर शर्मा का कहना है कि धोती, कुर्ता और साड़ी भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। विश्वविद्यालय से पढ़े चौधरी चरण सिंह, पंडित दीनदयाल उपाध्याय धोती कुर्ता ही पहनते थे। इसी विश्वविद्यालय के छात्र रहे मुलायम सिंह यादव भी धोती कुर्ता पहनते हैं।
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एनएसयूआई करेगी धोती-कुर्ता का विरोध

एनएसयूआई के राष्ट्रीय महामंत्री अमित सिंह का ड्रेस कोड का संगठन विरोध करेगा। कुलपति दीक्षांत समारोह और भारतीय संस्कृति के नाम पर आरएसएस की परंपराएं लागू करना चाहते हैं। विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट की डिग्री दी जाती है, वेद और हकीम की नहीं।  
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