आगरा। यमुना नदी पर वर्ष 2009 में आंबेडकर पुल के बाद नए पुल का निर्माण नहीं हुआ है। अब यमुना नदी पर तीन नए पुल प्रस्तावित हैं। इनमें रहनकलां के पास समोगर, सिकंदरपुर से नगला चतरा और नगला बूढ़ी से मौजूदा पांटून पुल की जगह नया पुल प्रस्तावित किया गया है। एत्मादपुर के विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर इन तीन नए पुलों का प्रस्ताव सौंपा था, जिस पर मुख्यमंत्री कार्यालय से मांगी गई रिपोर्ट पर उ.प्र. राज्य सेतु निगम ने पुलों का एस्टीमेट बनाकर भेज दिया है।
सेतु निगम ने नगला बूढ़ी पर आनंदी भैंरों के पास यमुना नदी पर 524 मीटर लंबे पुल पर 98.50 करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव दिया गया है। यह पुल गिजौली, खंदौली को जोड़ेगा। इससे 15 किमी की दूरी घट जाएगी। सेतु निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक डीके गुप्ता की ओर से भेजी रिपोर्ट में बताया गया है कि शीतला माता मंदिर चौराहे से 500 मीटर दूरी पर आनंदी भैंरों जाने के लिए कच्चा मार्ग है। डेरा बंजारा तक 1.70 किमी की दूरी है। इस पूरे मार्ग का निर्माण करने के साथ 524 मीटर लंबा पुल निर्मित होगा। यहां आनंदी भैंरो साइड में वन भूमि और डेरा बंजारा की ओर ग्रामीणों की जमीन का अधिग्रहण करना होगा।
शहर के किसी भी हिस्से से अलीगढ़ रोड जाने के लिए यमुना नदी के पुराने जवाहर पुल को पार करके रामबाग चौराहे से पहुंचने में जाम से जूझना पड़ रहा है। यमुना नदी पर सिकंदरपुर-नगला चतरा के बीच पुल बन जाने पर न केवल जवाहर पुल पर वाहनों का दबाव कम होगा, बल्कि 12 से 15 किमी की दूरी भी कम हो जाएगी। भगवान टाकीज को केंद्र मान लें तो पुल बनने से 15 किमी की दूरी घट जाने के साथ ईंधन की बचत और कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा। ताजमहल के अपस्ट्रीम में नगला पैमा से आगे समोगर में यमुना नदी पर पुल बन जाने से यहां विकास की रफ्तार बढ़ जाएगी। रहनकलां और समोगर के पास ग्रेटर आगरा की योजनाएं हैं। इनर रिंग रोड के पुल के एक ओर और दूसरी ओर समोगर पर यमुना नदी के पुल बनने से वाहनों की आवाजाही बढ़ने के साथ यहां विकास की योजनाएं शुरू हो जाएंगी। नगला बूढ़ी से आनंदी भैंरों के पास पांटून पुल की जगह नया पुल प्रस्तावित किया गया है।