इंडो अमेरिकन बिजनेस चैंबर की परिचर्चा में शामिल उद्यमी स्त्रोत संगठन
आगरा। अमेरिकी टैरिफ की आपदा को निर्यातक अवसर में बदलेंगे। कनाडा, पनामा, चेक रिपब्लिक में निर्यात के नए रास्ते खुल रहे हैं। वहां की फैक्टरियों, बाजारों में घूम कर उद्यमी नए ट्रेंड, मार्केट रिसर्च, तकनीक से लेकर नवाचार जानेंगे। इसके लिए इंडो अमेरिकन बिजनेस चैंबर आगरा के उद्यमियों को जोड़ रहा है।
संजय प्लेस स्थित होटल में बृहस्पतिवार को इंडो अमेरिकन बिजनेस चैंबर ने औद्योगिक परिचर्चा आयोजित की जहां रियल एस्टेट, ब्रश, शू कंपोनेंट, पब्लिकेशंस, हैंडीक्राफ्ट और फुटवियर कारोबारी व विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। यूपी चेप्टर चेयरमैन अजय प्रकाश मिश्रा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय उत्पादों की उपयोगिता तेजी से बढ़ रही है। उद्यमियों से संवाद, समन्वय और संपर्क कर निर्यात को प्रोत्साहित किया जा सकता है। आईएबीसी महासचिव डॉ. शिवा मिश्रा ने बताया कि महिला आधारित औद्योगीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। महिला उद्यमियों को जोड़ा जा रहा है। नेशनल चैंबर के पूर्व उपाध्यक्ष अंबा प्रसाद गर्ग ने अमेरिकी टैरिफ की चुनौतियों से निर्यात पर आए असर को बताया। यूपी चैप्टर आईएबीसी संयोजक अमित झा ने कहा कि आगरा के निर्यात और उद्यमियों के लिए कनाडा, पनामा में फैक्टरियों और बाजारों के रास्ते खुल रहे हैं। उत्तर प्रदेश वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन अध्यक्ष मनीष अग्रवाल रावी ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों की जरूरतों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की।
इस दौरान ब्रश एंड क्लीनिंग प्रोडक्ट संगठन अध्यक्ष अमित मोरनी, महासचिव नितिन अग्रवाल, संजय अरोरा, विवेक मोहन, आशीष अग्रवाल आदि शामिल रहे। लघु उद्योग भारती राष्ट्रीय सचिव दीपक अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत किया।