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UP: साइबर ठगों के लिए सिर्फ एक धर्म के लोगों के नाम पर ही खरीदी जा रही थीं सिम, व्हाट्सएप चैट से बड़ा खुलासा

Sat, 19 Oct 2024 09:04 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

साइबर ठगों द्वारा डिजिटल अरेस्ट गैंग को देने के लिए जो सिम खरीदी जा रहीं थीं, वो एक ही धर्म के लोगों की निकलीं। एसटीएफ को सप्लायर के मोबाइल की व्हाट्सएप चैट से ये जानकारी मिली है। 
 
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agra police - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा एसटीएफ यूनिट मेवात और दिल्ली के साइबर ठगों का नेटवर्क पता करने में लगी है। जेल भेजे गए आरोपी शाहरुख के मोबाइल से चाैंकाने वाली जानकारी हाथ लगी है। मेवात के साइबर ठग एक विशेष धर्म के लोगों की आईडी पर ली गई सिम और खातों की मांग करते थे। इससे पुलिस की जांच हो तो उनके धर्म के लोगों पर कोई मुसीबत नहीं आए। एक ही धर्म के लोगों पर कार्रवाई हो।
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एसटीएफ आगरा यूनिट ने केंद्रीय हिंदी संस्थान मार्ग से अछनेरा निवासी शाहरुख को गिरफ्तार किया था। इंस्पेक्टर ने बताया कि सिम सप्लायर को पकड़ने के लिए टीम को जाल बिछाना पड़ा। उससे ग्राहक बनकर संपर्क किया गया। उससे 10 सिम मांगे गए। वह सिम बेचने कार से आया, तभी पकड़ लिया गया। उससे सिम के साथ 14 एटीएम कार्ड भी बरामद किए गए थे। वह मेवात, हरियाणा के साइबर ठगों को सिम उपलब्ध कराता था।

वह गांव-गांव घूमकर मजदूर तबके के लोगों को लालच देता था। कहता था कि वह खाता खुलवाएंगे तो 2 से 5 हजार तक मिल जाएंगे। सरकारी योजना का भी लाभ मिलेगा। कमीशन भी देगा। मगर, साइबर ठगी के बाद ही खाते ब्लाक हो जाते थे। उधर, पुलिस ने शाहरुख के साथी तेजवीर की तलाश तेज कर दी है। शुक्रवार को मथुरा में दबिश दी गई। मगर, वो फरार हो गया।
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अपनों को बचाते हैं आरोपी
एसटीएफ को व्हाट्सएप की जांच में पता चला कि मेवात का रद्दा नामक युवक सिम मंगाता था। वह व्हाट्सएप काॅल पर भी बातचीत करता था। एक चैट में साइबर ठग ने 5 खातों की मांग की। इस पर शाहरुख ने लिखा था कि पांच खाते हैं। इनकी 1-1 लाख रुपये की लिमिट भी है। खाते दूसरे धर्म के लोगों के हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि मामले की जानकारी एसटीएफ मुख्यालय को दी गई है। आशंका है कि साइबर ठग एक ही धर्म के लोगों के नाम पर लिए गए सिम और आईडी का प्रयोग करते हैं, जिससे उनके धर्म के लोग न फंसें।
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