थाना हरी पर्वत में जेल में मुलाकात के दौरान मादक पदार्थ लेकर जाने का आरोपी अली खान
आगरा। जिला कारागार में निरुद्ध बंदी से मंगलवार को मुलाकात करने आया भतीजा पारले-जी बिस्कुट के पैकेट में छिपाकर चरस ले आया। जेल के गेट पर चेकिंग के दाैरान शक होने पर पैकेट खोलने पर पकड़ लिया गया। उसके पास से 406 ग्राम चरस बरामद की गई। उसने फर्जी तरीके से दूसरे बंदी के नाम की पर्ची लगाई थी। आरोपी को थाना हरीपर्वत पुलिस के सुपर्द कर दिया गया। जेलर की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा ने बताया कि जिला कारागार की बैरक संख्या तीन में बंदी शाहरुख खान निरुद्ध है। मंगलवार को उससे मुलाकात के लिए दूसरी पाली में गोपालकुंज, सिकंदरा निवासी अली खान ने पर्ची लगाई थी। इसी तरह बैरक संख्या दो में निरुद्ध विचाराधीन बंदी कासिम से द्वितीय पाली में मुलाकात के लिए सराय ख्वाजा, शाहगंज निवासी फातिमा और मुश्ताक नगर, अलीगढ़ निवासी सलमा ने आवेदन किया। दोनों बंदियों के मुलाकातियों का आवेदन स्वीकार कर लिया गया। जेल आने पर उनकी तलाशी वार्डर मंजीत सिंह और चंद्रशेखर शर्मा ले रहे थे। अली खान पांच रुपये वाले पारले जी बिस्कुट के कई पैकेट लेकर आया था। पैकेट की संख्या अधिक थी। इस कारण कर्मचारियों को शक हुआ। उन्होंने जांच की तो एक पैकेट में छिपाकर रखा गया काले रंग का पदार्थ बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी अली खान ने बताया कि वह बंदी कासिम से मिलने आया था। जानबूझकर पर्ची गलत लगाई थी। उसका कासिम चरस पीने का आदी है। बिस्कुट में छिपाकर चरस लाया था। पैकेट से बरामद चरस का वजन 406 ग्राम है। मामले में आरोपी अली खान के खिलाफ जेलर ने थाना हरीपर्वत में तहरीर दी और पुलिस के सुपुर्द कर दिया। आरोपी मूलरूप से सराय ख्वाजा का रहने वाला है।
जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा ने बताया कि बंदी के परिजन योजना बनाकर आए थे। कासिम से मिलने के लिए उसके परिवार की महिलाएं फातिमा और सलमा भी आई थीं। फर्जी तरीके से भतीजे अली खान ने दूसरे बंदी के नाम की पर्ची लगाई। जेल में एक जगह पर सभी बंदियों की मुलाकात कराई जाती है। इसका फायदा उठाकर अली खान कासिम से मिलता और उसे बिस्कुट में छिपाकर लाई चरस दे देता, लेकिन सख्ती के कारण पकड़ लिया गया। कासिम का एक साथी पप्पू कैंसर से पीड़ित था।